
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 13, 2020 9:05 AM IST
सिर्फ इन 2 शर्तों पर भारत लाई जाएगी रूस की वैक्सीन 'Sputnik V', जानें क्या कहते हैं एक्स के डॉक्टर
वर्तमान समय में कोरोनावायरस महामारी अपने चरम पर है। दुनियाभर में जहां 2 करोड़ से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं वहीं मरने वालों का आंकड़ा भी लगभग 7 लाख से ज्यादा है। हमारे देश भारत में अब तक 22 लाख लोग ऐसे हैं जो इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं और 44 हजार लोगों की मौत भी हो चुकी है। वायरस के इस बढ़ते प्रकोप को कम करने के लिए दुनियाभर के डॉक्टर्स और साइंटिस्ट वैक्सीन पर जोरो शोरो से काम कर रहे हैं। हाल ही में खबर आई कि रूस ने कोरोना की सफल वैक्सीन बना ली है। इस वैक्सीन का नाम 'Sputnik V' है। रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इस वैक्सीन पर मुहर लगाते हुए इसे सफल करार दिया है। हालांकि हमारे देश के डॉक्टर्स का कहना है कि कुछ चीजें ऐसी हैं जिनकी पुष्टि होने के बाद ही इसे भारत लाया जाएगा। ऐसा क्यों कह रहे हैं भारतीय डॉक्टर? आइए जानते हैं.
यह सच है कि रशिया दुनियाभर में ऐसा पहला देश बन गया है जिसने कोरोना का सफल टीका बनाया है। लेकिन दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि इस वैक्सीन को तभी भारत लाया जा सकता है जब इसकी सुरक्षा के हर एंगल से जांच हो जाए। उनका कहना है कि 2 शर्तें है जिनकेदम पर इस वैक्सीन को भारत लाया जा सकता है। पहली है सुरक्षा और दूसरी है कोई साइड इफेक्ट न होना। डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि अगर 'Sputnik V' सुरक्षित पाई गई और यह मरीजों को इम्युनिटी देने के साथ ही शरीर में मौजूद वायरस को खत्म करने में सफल होती है तो इसे भारत लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के पास इतनी क्षमता है कि वह उसका मास प्रॉडक्शन कर पाए।
बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन से लेकर अमेरिका और जर्मनी तक रूस की इस वैक्सीन पर संदेह जता रहे हैं। WHO का कहना है कि रूस वैक्सीन को लेकर जरूरी डाटा साझा नहीं कर रहा है। हालांकि दुनियाभर के कई बड़े देश कोरोना की वैक्सीन के निर्माण में जुटे हैं। भारत भी इस लिस्ट में शुमार है। यदि भारतीय वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल में सफल होती है तो इसे जल्द उपयोग में लाया जा सकेगा। वर्तमान में भारत में रोजाना कोरोना के 60 हज़ार से ज्यादा नए मरीज सामने आ रहे हैं। तेजी से फैलते संक्रमण के मामले में भारत दुनिया में पहले नंबर पर है। ऐसे में सभी के मन में एक ही सवाल है कि वैक्सीन कब आएगी और कब लोगों को इस महामारी से मुक्ति मिलेगी।