
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 11, 2020 7:07 PM IST
Covid-19 Vaccine: कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए जहां पूरी दुनिया में प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, रूस ने दावा किया है कि उसने कोरोना वायरस की वैक्सीन विकसित कर ली है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने मंगलवार को कहा कि उनका देश कोरोनावायरस के खिलाफ वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) दर्ज करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। समाचार एजेंसी तास के मुताबिक, पुतिन के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा गया किस , "जहां तक मुझे पता है, आज सुबह दुनिया में पहली बार कोरोनावायरस संक्रमण के खिलाफ एक वैक्सीन दर्ज की गई थी।"
कोविड-19 की पहली वैक्सीन के बारे में बोलते हुए रूसी नेता ने कहा, "मुझे पता है कि यह वैक्सीन प्रभावी ढंग से काम करती है। यह एक स्थिर इम्यूनिटी बनाता है।।" पुतिन ने यह भी कहा कि, "वैक्सीन को उपलब्ध कराने से पहले इसका सभी स्तर पर आवश्यक टेस्टिंग की गयी है। जिसमें, यह पास हो गयी है।" इसके साथ ही, उन्होंने इस वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन को 'दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण कदम' बताया।
इससे पहले, स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने कहा था कि गामालेया नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ऑफ रशियन हेल्थकेयर मिनिस्ट्री द्वारा विकसित वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल खत्म हो गए हैं। (Covid-19 Vaccine update) द मेट्रो न्यूजपेपर की रिपोर्ट के मुताबिक, चूंकि इसके क्लीनिकल ट्रायल का अंतिम चरण चल रहा है, लिहाजा यह अनुमति वैक्सीन के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल का मार्ग प्रशस्त करती है। परीक्षणों के अगले चरण, यानी तीसरे चरण में हजारों प्रतिभागी शामिल होंगे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, वर्तमान में दुनियाभर में 100 से अधिक संभावित कोविड-19 टीके विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से कम से कम 4 वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल के तीसरे चरण में हैं। रूस में मंगलवार तक कोविड-19 से 15,131 मौतें हो चुकी हैं और कुल 8,97,599 लोग संक्रमित हैं।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने पहले एक बयान में कहा था कि 3 अगस्त को वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल्स में भाग लेने वालों का "अंतिम चिकित्सा परीक्षण" बर्डेनको मेन मिल्रिटी क्लीनिकल अस्पताल में हुआ था। मंत्रालय ने कहा कि परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाया गया कि स्वयंसेवकों में किसी तरह का दुष्प्रभाव या असामान्यता नहीं थी। बयान में कहा गया, "इस तरह प्रयोगशाला और उपकरणों के जरिए किए गए अध्ययन से मिले आंकड़े हमें टीके की सुरक्षा और अच्छी सहिष्णुता के बारे में बोलने की अनुमति देते हैं।" वैक्सीन विकसित करने के अपने तरीके को लेकर रूस जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय संदेह का सामना कर रहा है, वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह अक्टूबर में कोविड -19 के खिलाफ सामूहिक टीकाकरण करने की योजना बना रहा है।