रूस ने दूसरी कोविड-19 वैक्सीन 'एपिवैककोरोना' के पंजीकरण के बाद शुरू किया परीक्षण

रूस अगस्त में एक कोविड-19 वैक्सीन को नियामक मंजूरी देने वाला पहला देश बना था, जब 'स्पुतनिक-वी' वैक्सीन को आधिकारिक तौर पर बड़े पैमाने पर क्लीनिकल ट्रायल के साथ पंजीकृत किया गया था। अब 'एपिवैककोरोना' वैक्सीन विनियामक अनुमोदन प्राप्त करने वाली दूसरी रूसी वैक्सीन बन गई है, जिसे वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी द्वारा विकसित किया गया है।

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Written By: Anshumala | Updated : November 18, 2020 12:05 AM IST

Russia Corona Vaccine Update: रूस (Russia) में कोविड-19 के खिलाफ 'एपिवैककोरोना' वैक्सीन (EpiVacCorona Vaccine) के पोस्ट रजिस्ट्रेशन ट्रायल शुरू हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उपभोक्ता संरक्षण और कल्याण मामलों के रूसी संघीय सेवा के प्रमुख अन्ना पोपोवा ने मंगलवार को यह जानकारी दी। रूस अगस्त में एक कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) को नियामक मंजूरी देने वाला पहला देश बना था, जब 'स्पुतनिक-वी' वैक्सीन (Sputnik-V vaccine) को आधिकारिक तौर पर बड़े पैमाने पर नैदानिक परीक्षण (क्लीनिकल ट्रायल) के साथ पंजीकृत किया गया था।

अब 'एपिवैककोरोना' वैक्सीन विनियामक अनुमोदन प्राप्त करने वाली दूसरी रूसी वैक्सीन (Russia Corona Vaccine Update in hindi) बन गई है, जिसे वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी द्वारा विकसित किया गया है। तास न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 अनुसंधान के लिए समर्पित एक ऑनलाइन कार्यक्रम में पोपोवा ने कहा, "हम केवल टीकाकरण के माध्यम से (कोविड-19) प्रसार को रोक सकते हैं। दुनिया में विकास के उच्च स्तर पर पर्याप्त टीके (वैक्सीन) हैं।"

उन्होंने कहा कि रूस लगातार टीके का विकास जारी रखे हुए है। वेक्टर रिसर्च सेंटर को 24 जुलाई को स्वयंसेवकों पर वैक्सीन के नैदानिक परीक्षण करने के लिए रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय की मंजूरी मिली थी। 27 जुलाई को पहले स्वयंसेवक को वैक्सीन शॉट मिला था। पोपोवा ने पहले बताया था कि वैक्सीन के क्लिनिकल परीक्षण 30 सितंबर को समाप्त हो गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि टीका 14 अक्टूबर को पंजीकृत किया गया था।

इससे पहले रूसी उप प्रधानमंत्री तात्याना गोलिकोवा ने कहा था कि उन्होंने खुद पर एपिवैककोरोना वैक्सीन का परीक्षण कराया है और इसमें उन्हें कोई साइड इफेक्ट का अनुभव नहीं हुआ। उन्होंने कहा था, "वेक्टर सेंटर रूस के विभिन्न क्षेत्रों में पंजीकरण के बाद नैदानिक परीक्षण शुरू कर रहा है, जिसमें 40,000 स्वयंसेवक शामिल होंगे।"

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