आखिर क्यों आरएमएल हॉस्पिटल के डॉक्टर्स भारत बायोटेक की ''कोवैक्सीन'' की बजाय सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड टीका लगवाने के लिए हैं तैयार, पढ़ें यहां

Covid-19 Vaccination Drive in India: आरएमएल अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. निर्मलाय महापात्रा ने कहा, "हमारा विचार यह नहीं है कि एक वैक्सीन दूसरी की तुलना में बेहतर है, मगर कोवैक्सीन के डेटा की अनुपस्थिति में हमें कोविशील्ड दी जानी चाहिए।"

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Written By: Anshumala | Updated : January 16, 2021 8:10 PM IST

Covid-19 Vaccination Drive in India: दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML Hospital) अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन (Bharat Biotech COVAXIN) को लेकर आशंका जताई है। राम मनोहर लोहिया अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने शनिवार को कहा कि अभी कोवैक्सीन का परीक्षण पूरा नहीं हुआ है, इसलिए वे इसे लेकर आशंकित हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से अनुरोध किया कि वे भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की डोज नहीं लेना चाहते और इसकी जगह सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum institute of India) की ओर से निर्मित ऑक्सफोर्ड कोविशील्ड वैक्सीन (covishield vaccine) लेना चाहते हैं।

आरएमएल के डॉक्टर कोवैक्सीन को लेकर हैं आशंकित 

राम मनोहर लोहिया अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टरों ने अस्पताल अक्षीक्षक को पत्र लिखा है। डॉक्टरों ने पत्र में लिखा है, "कोवैक्सीन का पूरी तरह परीक्षण न होने के कारण रेजीडेंट डॉक्टर इसे लेकर थोड़ा आशंकित हैं, जिसके चलते वे अधिक संख्या में इस कार्यक्रम में भाग नहीं ले सकते, जो इस प्रकार के टीकाकरण के उद्देश्य के लिए आवश्यक है।" इसके साथ ही डॉक्टरों ने आगे लिखा है, "हम आपसे अनुरोध करते हैं कि हमें कोविशील्ड का टीका लगाया जाए, जो परीक्षण के सभी चरण पूरा कर चुकी है।"

कोवैक्सीन इस महीने की शुरुआत में दवा नियामक से मंजूरी मिलने के बाद से सुर्खियों में है। दिल्ली में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को छह केंद्र संचालित अस्पतालों - एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, कलावती सरन चिल्ड्रन हॉस्पिटल और दो ईएसआई अस्पतालों को आवंटित किया गया है, जबकि 75 दिल्ली सरकार द्वारा संचालित और निजी अस्पतालों में कोविशील्ड दी गई हैं। अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. निर्मलाय महापात्रा ने कहा, "हमारा विचार यह नहीं है कि एक वैक्सीन दूसरी की तुलना में बेहतर है, मगर कोवैक्सीन के डेटा की अनुपस्थिति में हमें कोविशील्ड दी जानी चाहिए।"

Covid-19 Vaccination Drive in India

इस बीच आशंकाओं को दूर करते हुए और डॉक्टरों के विरोध के बीच राम मनोहर लोहिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. ए. के. सिंह राणा ने शनिवार को खुद को कोवैक्सीन का टीका लगवाया है। वहीं, केंद्र सरकार द्वारा संचालित एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया और नीति आयोग के सदस्य वी.के. पॉल ने भी वैक्सीन की पहली खुराक ली है। इसके अलावा दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी लोगों को आश्वस्त किया कि डरने की कोई जरूरत नहीं है और वैक्सीन सुरक्षित है। देशभर में शनिवार को 3,006 जगहों पर विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का आगाज हुआ है।

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स्रोत: (IANS Hindi)

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