Deadly Virus: यात्रियों के साथ UK तक पहुंचा ये जानलेवा वायरस, विदेश मंत्रालय सतर्क

Deadly virus in britain: ब्रिटेन के लोगों के सामने एक जानलेवा वायरल इन्फेक्शन के रूप में एक नई समस्या खड़ी हो सकती है, जिसको लेकर विदेश मंत्रालय भी काफी सतर्क हो चुका है। इस लेख में जानें क्या है स्थिति।

WrittenBy

Written By: Mukesh Sharma | Updated : October 10, 2024 4:31 AM IST

Risk of Deadly viral infection in UK: इस समय ब्रिटिश नागरिकों पर पूरे विश्व की नजर है, क्योंकि अपने घर लौट रहे ब्रिटिश नागरिकों में घातक बीमारी मेनिंगोकोकल रोग होने के मामले देखे जा रहे हैं। विदेश कार्यालय समर्थित ट्रैवल हेल्थ प्रो वेबसाइट ने हाल ही में एक चेतावनी जारी की थी कि सऊदी अरब से लौटने वाले व्यक्तियों में मेनिंगोकोकल संक्रमण के मामले बढ़े हैं, जिनमें से कुछ लोग ब्रिटेन से भी हैं। साइट ने खुलासा किया कि 21 जून 2024 तक, संयुक्त राज्य अमेरिका में घातक इनवेसिव मेनिंगोकोकल बीमारी के कुल 14 मामले सामने आए हैं। यह संक्रमण उन लोगों में पाया गया है, जिन्होंने सऊदी अरब की यात्रा की थी, संभव हज या उम्मा के दौरान।

सऊदी अरब में हज यात्रा के दौरान इस मामलों में इजाफा हुआ है, संक्रमण के मामले खासकर धार्मिक यात्रियों के बीच, मेनिंगोकोकल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि इस दौरान भारी भीड़ और नजदीकी संपर्क के कारण संक्रमण फैलने का जोखिम होता है। हज यात्रियों के लिए सऊदी अरब ने मेनिंगोकोकल टीकाकरण अनिवार्य किया है और यात्रा करने वाले सभी व्यक्तियों के लिए मेनिंगोकोकल टीकाकरण की सिफारिश करता है। यह टीका यात्रा से कम से कम 10 दिन पहले लिया जाना चाहिए। हालांकि, सऊदी अरब के बाहर लौटने वाले व्यक्तियों में टीकाकरण की स्थिति और सुरक्षा के बारे में जांच की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन बावजूद इसके कुछ मामलों की रिपोर्ट की गई है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग ने भी यात्रा करने से पहले मेनिंगोकोकल टीकाकरण की आवश्यकता पर बल दिया है और विशेष रूप से सऊदी अरब से लौटने वाले यात्रियों के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

क्या है इनवेसिव मेनिंगोकोकल रोग

इनवेसिव मेनिंगोकोकल रोग एक गंभीर और संक्रामक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से मेनिन्जाइटिस (मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की झिल्ली में सूजन) और सेप्सिस (रक्त में संक्रमण) का कारण बन सकता है। यह रोग नाइसेरिया मेनिन्जाइटिस (Neisseria meningitidis) बैक्टीरिया द्वारा होता है और यह सीधे व्यक्ति से व्यक्ति में फैलता है, खासकर थूक, खांसी या चुंबन के माध्यम से।

मेनिंगोकोकल संक्रमण के लक्षण

तेज बुखार

सिरदर्द

उल्टी

गर्दन का अकड़ना

चमड़ी पर दाने (पेटीचियल रैश)

मानसिक स्थिति में परिवर्तन (जैसे कि भ्रम, थकान)

रोग का इलाज

मेनिंगोकोकल संक्रमण का उपचार एंटीबायोटिक द्वारा किया जाता है। अगर यह जल्दी पहचाना जाए, तो इसका इलाज संभव है। हालांकि यदि इलाज में देरी हो, तो यह जीवन के लिए खतरे का कारण बन सकता है और यह व्यक्ति की मृत्यु का कारण भी बन सकता है।

हालांकि, यह मामला इस बात को फिर से साबित करता है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। खासकर उन देशों में जहां बड़ी धार्मिक या सांस्कृतिक यात्राएं होती हैं, जैसे कि हज यात्रा, वहां संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रा करने से पहले सही टीकाकरण और सावधानी बरतना अत्यंत जरूरी है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source