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Written By: Jitendra Gupta | Updated : September 17, 2021 7:05 PM IST
चावल बनाते समय की ये गलती तो आप हो सकते हैं कैंसर का शिकार, स्टडी में दावा ज्यादातर भारतीय करते हैं ये गलती
चावल एक ऐसा आहार है, जिसे पूरे विश्व में बड़े चाव से खाया जाता है लेकिन चावल खाने से कोई बड़ा रोग हो सकता है ये चौकाने वाली बात है। हमारे देश में चावल का उत्पादन व्यापक रूप में किया जाता है। चावल हमारे देश के मुख्य भोजन में एक के रूप में मौजूद है। वैसे तो चावल स्वस्थ के लिए लाभदायक होता है। साथ ही यह आसानी से पक भी जाता है और इसे बनाने के में ज्यादा समय भी नहीं लगता। लेकिन चावल के ठीक से पके ना होने के लिए यह स्वाथ्य को नुकसान भी पहुंचा सकता है। जी हां, एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि अधपका चावल खाने से आपको कैंसर हो सकता है। आइए जानते हैं क्या कहती है स्टडी।
इंग्लैंड के बेलफास्ट स्थित क्वीन्स यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, मिट्टी में औद्योगिक जहरीले पदार्थों और कीटनाशकों से निकलने वाला रसायन चावल को और भी खतरनाक बनाने में मदद करते हैं। साथ ही कई मामलों में आर्सेनिक विषाक्तता का कारण भी बन सकता है। इसके अलावा अन्य अध्यन भी दावा करते हैं कि चावल एक कार्सिनोजेन है और कैंसर को बनाने में मदद करता है।
साथ ही एक अन्य अध्ययन, जो कि 90 के दशक के मध्य में हुआ था, उसमें ये पता लगाने की कोशिश की गई कि क्या अधपका चावल स्तन और अन्य कैंसर के संभावित जोखिम कारकों को बढ़ा सकता है। अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि करीब 9400 महिलाओं को कैंसर हुआ, जिसमें स्तन और फेफड़ों के कैंसर के मामले सबसे ज्यादा थे।
आर्सेनिक अलग-अलग खनिजों में मौजूद एक रसायन प्रदार्थ है, जिसका इस्तेमाल औद्योगिक कीटनाशकों को बनाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जाता है। जबकि कुछ देश में भूजल में आर्सेनिक का अधिक स्तर है। साथ ही अगर हम लंबे समय तक भोजन या पानी के जरिए रसायन के संपर्क में बने रहते है, तो इससे आर्सेनिक विषाक्तता हो सकती है और उल्टी, पेट दर्द और दस्त और कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। अध्ययन के अनुसार, चावल में आर्सेनिक का उच्च स्तर होता है और इस प्रकार अगर चावल को सही से नहीं पकाया जाता है तो यह भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है।
कैंसर से बचने के लिए आपको अपने पसंदीदा चावल को छोड़ने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है। अध्ययन के अनुसार, चावल में मौजूद आर्सेनिक से छुटकारा पाने का सबसे अच्छा तरीका है कि इसे पकाने से पहले आप चावलों को रात भर पानी में भिगो दें। जब आप इस प्रक्रिया को फॉलो करते हैं तो इसमें विषाक्त पदार्थ का स्तर 80 प्रतिशत तक कम हो जाता है।
पहला तरीकाः चावल के मुकाबले आप बर्तन में पानी की दोगुनी मात्रा डालें और उसे उबाल लें।
दूसरा तरीका : चावल के एक भाग के मुकाबले पानी के पांच भाग और अतिरिक्त पानी जब सूख जाएगा तो आर्सेनिक का स्तर आधा रह जाएगा।
तीसरा तरीका : चावल को रात भर भिगो कर रख दें, जिससे आर्सेनिक लेवल 80 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। अगर आपके पास समय नहीं है तो चावल को सिर्फ 3-4 घंटे के लिए भिगोया जा सकता है।