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Written By: Yogita Yadav | Published : September 21, 2018 9:49 AM IST
Frequent consumption of energy drinks can make your health suffer. © Shutterstock
बच्चों और युवाओं को कैफीनयुक्त एनर्जी ड्रिंक्स बेचने पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत है, ताकि लोगों को मोटापे और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से बचाया जा सके। विशेषज्ञों का यह कहना है। कैफीन संभवत: दुनिया भर में सबसे ज्यादा प्रयोग किए जाने वाला साइकोएक्टिव ड्रग है, क्योंकि यह ध्यान और जागरूकता में इजाफा कर शारीरिक सक्रियता को बढ़ा देता है।
यह है कारण
ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ पेडियाट्रिक्स एंड चाइल्ड हेल्थ (आरसीपीसीएच) के प्रोफेसर रसेल वाइनर का कहना है, "लेकिन इसके साथ ही कैफीन व्यग्रता को बढ़ाता है और नींद में रुकावट पैदा करता है, तथा यह बच्चों में व्यवहार संबंधी समस्याओं से जुड़ा हुआ है।" हाल के अध्ययनों से यह जानकारी भी मिली है कि यह विकास कर रहे दिमागों पर चिंताजनक प्रभाव डालता है।
वाइनर ने कहा कि यह चिंताजनक है, क्योंकि मनोवैज्ञानिक तनाव से जोखिम भरे व्यवहार का खतरा पैदा हो सकता है, जिसमें ड्रग का प्रयोग या अकादमिक प्रदर्शन में कमी शामिल है।
उन्होंने द बीएमजे जर्नल में प्रकाशित अपने पर्चे में कहा, "इसलिए बच्चों और युवाओं को कैफीनयुक्त एनर्जी ड्रिंक्स बेचने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए, ताकि मोटापे और मानसिक स्वास्थ्य समस्या की जुड़वां महामारी को रोका जा सके।"
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क्यों नुकसानदायक है ये
एनर्जी ड्रिंक्स का अधिक सेवन मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, रक्तचाप, मोटापा और गुर्दे की क्षति समेत कई गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। एक ताजा अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है। अध्ययन में यह जानकारी निकलकर सामने आई है कि अक्सर एनर्जी ड्रिंक्स को शराब के साथ लिया जा रहा है। अधिकांश एनर्जी ड्रिंक्स के अवयवों में पानी, चीनी, कैफीन, कुछ विटामिन, खनिज और गैर-पोषक उत्तेजक पदार्थ जैसे गुआरना, टॉरिन तथा जिन्सेंग आदि शामिल रहते हैं।
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एनर्जी ड्रिंक्स में लगभग 100 मिलीग्राम कैफीन प्रति तरल औंस होता है, जो नियमित कॉफी की तुलना में आठ गुना अधिक होता है। कॉफी में 12 मिलीग्राम कैफीन प्रति तरल औंस होता है। एनर्जी ड्रिंक्स में उपरोक्त सभी स्वास्थ्य जोखिम इसमें मौजूद चीनी और कैफीन की उच्च मात्रा के कारण होता है।