Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
-
- हिंदी
जीवनशैली खराब होने के कारण शरीर अनेक बीमारियों का घर बन गया है। बहुत ही कम लोग ऐसे बचे हैं जिन्हें कोई भी शारीरिक समस्या न हो नहीं तो हर किसी को कोई न कोई शारीरिक समस्या मिल ही जाती है। इन स्थितियों का जीवन-मृत्यु दर पर भी काफी प्रभाव पड़ा है। वैज्ञानिक लगातार अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं, जो स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करेंगे। वैसे तो जीवनशैली में अच्छे बदलाव लाना ही उम्र बढ़ाने का सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है, क्योंकि अच्छी जीवन शैली से बुढ़ापे में होने वाली समस्याओं के खतरे को कम किया जा सकता है। लेकिन इस उम्र में सही जीवनशैली को मेन्टेन करके रखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसलिए रिसर्चर काफी लंबे समय से ही किसी ऐसी दवा की तलाश में थे जो उम्र बढ़ाने में मदद करे। हाल ही में हाल ही में वैज्ञानिकों ने ऐसी खास दवा को ढूंढ निकाला है, जो उम्र बढ़ाने में मदद करती है। चलिए जानते हैं कौन सी यह यह दवा और यह कैसे उम्र बढ़ाती है।
वैज्ञानिकों ने रिसर्च करके पता लगाया कि रैपामाइसिन (Rapamycin) ऐसी दवा है, जो उम्र बढ़ाने में मदद कर सकती है। रैपामाइसिन को सिरोलिमस (Sirolimus) के नाम से भी जाना जाता है और 1999 में एफडीए ने इसे एक इम्यूनोसप्रेसेंट दवा के रूप में अनुमोदित किया था। रिसर्च के दौरान यह भी पता चला कि रैपामाइसिन कैंसर के खिलाफ लड़ने में भी मदद कर सकती है और इसकी पहचान एक एंटी-कैंसर ड्रग के रूप में भी की गई।
हालांकि, सिर्फ हाल ही में हुई रिसर्च से ही ये पता नहीं चला है कि रैपामाइसिन दवा उम्र बढ़ाने में भी मदद करती है। इस दवा पर सबसे पहले 2006 डॉक्टर मिखैल ब्लागोस्क्लोनी द्वारा की गई थी। डॉ. मिखैल रोसवेल पार्क कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर न्यूयॉर्क में रिसर्चर हैं। डॉक्टर मिखैल की परिकल्पना की पुष्टि नोवार्टिस और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुई एक स्टडी द्वारा की गई। 2014 में सांइस ट्रांसलेशनल मेडिसिन में इस रिसर्च को पब्लिश किया गया। डॉक्टर मिखैल ने मेडिकल न्यूज टुडे को बताया कि शुरुआती वयस्कता में एक खास समय तक इस दवा को देने से इसका असर लंबे समय तक रहता है।
चिकित्सीय रूप से इस्तेमाल की जाने वाली डोज लेने से रैपामाइसिन से कुछ साइड इफेक्ट्स देखे जा सकते हैं। अगर उम्र बढ़ाने के फायदों को देखते हुए इसका इस्तेमाल किया जाना है, तो इससे होने वाले साइड इफेक्ट्स को खत्म या कम से कम किया जाना जरूरी है। डॉक्टर पौला ज्यूरीकिक ने कहा कि हम हम रैपामाइसिन का पूरा लाभ लेने के लिए यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इस दवा को किस समय और कितनी अवधि तक लेना चाहिए।
इस दवा के प्रभाव के प्रभाव को जानने के लिए एक्सपर्ट्स ने कई रिसर्च किए मक्खियों और चूहों पर इस दवा के असर का पता लगाया गया। साथ ही चूहों पर भी रैपैमाइसिन दवा की जांच करके देखी गई। 3 महीने की उम्र वाले चूहों को 3 महीनों तक ही ये दवाएं दी गई, जिसमें पाया गया कि यह दवा उनकी हेल्थ को बरकरार रखने में मदद कर रही है। साथ ही यह भी पाया गया कि रैपामाइसिन का असर दवा को बंद करने के 6 महीने बाद तक भी शरीर में रहता है।