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Written By: Jitendra Gupta | Published : May 11, 2022 1:56 PM IST
खुशखबरीः कोरोनावायरस की गोलियां तैयार! शोधकर्ताओं का दावा बीमारी का खतरा और वायरस को फैलने से रोकने होगा आसान
कोविड-19 से परेशान लोगों के लिए खुशखबरी। जी हां, शोधकर्ताओं ने एक ऐसी कोविड गोलियां तैयार की हैं, जो न सिर्फ शरीर में वायरस को खत्म करने का काम करती है बल्कि जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं ली है उनके लिए हवा में मौजूद वायरस के खतरे को भी कम करती है। शुरुआती ट्रायल में ये गोलियां काफी असरदार पाई गई हैं, जो न सिर्फ गंभीर संक्रमण के खिलाफ प्रभावी है बल्कि वायरस के फैलने के खतरे को भी कम करती है। आइए जानते हैं क्या है स्टडी।
डॉ. लैंग्ल और उनके सहयोगियों ने एक वैक्सीन के साथ परीक्षण किया, जिसमें एडिनोवायरस को एक वेक्टर के रूप में प्रयोग किया था ताकि स्पाइक प्रोटीन का पता लगाया जा सके। इसी स्पाइक प्रोटीन की मदद से कोरोनावायरस कोशिकाओं में प्रवेश करता है। टीम ने नेजल स्प्रे और गोलियों का फार्मूला तैयार किया और उनकी जांच की। गोलियां की बात करें तो इसका प्रयोग आसान है और प्रभावी भी पाया गया है।
हैमस्टर का उपयोग करते हुए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि वैक्सीन हमारे खून और फेफड़ों में एक शक्तिशाली एंटी-बॉडी रिस्पॉन्स का पता लगाया है। ये कोविड गोलियां हमारी नाक और फेफड़ों में बलगम बनाने वाले टिश्यू के माध्यम से काम करती है और इम्यूनोग्लोबुलिन ए का उत्पादन बढ़ाने में मदद करती है।
इम्यूनोग्लोबुलिन ए, इम्यून सिस्टम की पहली रक्षा पंक्ति है, जो रोगाणुओं से लड़ने में मदद करती है। ये नाक और फेफड़ों की बेहतर तरीके से सुरक्षा में मदद करती है, इसी वजह से इन गोलियों का सेवन करने वाला व्यक्ति अगर संक्रमित है तो उसके खांसने और छींकने से वायरस के फैलने का खतरा कम हो जाएगा।
कोविड से संक्रमित होने पर अगर संक्रमित व्यक्ति ने वैक्सीन ली हुई है तो उसका वायरल लोड कम हो जाता है और उसमें बुखार व फेफड़ों के नुकसान के लक्षण भी कम दिखाई देते हैं। उसके बाद टीम ने वैक्सीन नहीं लेने वाले लोगों की तुलना वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले लोगों और बाद में संक्रमित होने वाले लोगों से की।
टीम ने पाया कि जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं ली थी उनमें वैक्सीन लेने वाले लोगों के वैक्सीन नहीं वाले लोगों के संपर्क में आने पर संक्रमित होने से वायरल RNA लेवल कम पाया गया साथ ही लक्षण भी हल्के पाए गए। इससे ये पता चलता है कि वैक्सीनेशन से वायरस के फैलने का खतरा कम हो जाता है।