New Smell Test for Covid-19: पार्किंसंस और अल्ज़ाइमर के मरीज़ों के लिए नये स्मेल टेस्ट की खोज, कोविड-19 संक्रमितों के लिए भी है कारगर

ऐसा दावा किया जा रहा है कि, कैप्सूल-आधारित इस स्मेल टेस्ट के इस्तेमाल से कोविड के निदान में भी मदद मिल सकती है।(New Smell Test for Covid-19)

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Updated : April 30, 2021 6:15 PM IST

New Smell Test for Covid-19:  लॉस ऑफ स्मेल या गंध समझ ना आना कोविड-19 संक्रमण का एक प्रमुख लक्षण हैं। वहीं, बढ़ती उम्र के साथ होने वाली मेमरी से जुड़ी बीमारियों जैसे पार्किसंस और अल्ज़ाइमर्स में भी मरीज़ों को गंध समझ नहीं आताी। ऐसे ही लोगों के लिए वैज्ञानिकों  ने एक नोवेल गंध परीक्षण की खोज की है जिससे पाकिंर्संस और अल्जाइमर के रोगियों को काफी लाभ मिल सकता है। माना जा रहा है कि कैप्सूल-आधारित गंध परीक्षण के इस्तेमाल से कोविड के निदान में भी मदद मिल सकती है।क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के शोधकतार्ओं द्वारा विकसित गंध परीक्षण किट में एक तरफा टेप के दो स्ट्रिप्स के बीच रखे खुशबूदार तेलों के कैप्सूल शामिल हैं।

गंध परीक्षण लेने के लिए, कैप्सूल को केवल उंगलियों के बीच कुचल दिया जाता है और टेप की पट्टी छिल जाती है जो कैप्सूल के अंदर मौजूद खुशबू को छोड़ती है। इन गंधों को पहचानने की किसी व्यक्ति की क्षमता के आधार पर, एक ऐसा स्कोर बनाया जाएगा जो डॉक्टरों को भेजा जा सकेगा अगर आपको गंध नहीं आ रही हो। (New Smell Test for Covid-19 and Parkinson's)

गंध समझने की क्षमता को प्रभावित करनेवाली बीमारियों में कारगर

लीड रिसर्चर अहमद इस्माइल ने क्वीन मैरी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैटेरियल्स साइंस से कहा,"हमारा कैप्सूल-आधारित गंध परीक्षण गंध के नुकसान से जुड़े अलग तरह के रोगों का तेजी से निदान में सहायता कर सकता है। इनमें पुरानी न्यूरोलॉजिकल स्थितियां शामिल हैं जैसे कि पाकिंर्संस और अल्जाइमर रोग, साथ ही कोविड जो कि गंध को प्रभावित करने के लिए जाना जाता है। "

इस्माईल ने कहा, "गैर-आक्रामक और कम तनावपूर्ण होने के कारण कैप्सूल-आधारित गंध परीक्षण को कोविड-19 के निदान में नाक की सूजन में आराम होता है। यह विशेष रूप से बच्चों के परीक्षण के लिए एक फायदा है, क्योंकि वे आमतौर पर डर जाते हैं और उन्हें नाक की अदला-बदली करने की आवश्यकता होती है। परीक्षण अपने ही घर के आराम में किया जा सकता है।"

जर्नल रॉयल सोसाइटी इंटरफेस में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि, पाकिंर्संस रोग के आठ रोगियों के एक छोटे समूह में परीक्षणों से आने वाली बदबू का पता लगाया जा सकता है। प्रतिभागियों ने कैप्सूल के फटने की सापेक्ष सहज प्रक्रिया का भी हवाला दिया, खासतौर पर बाजार में उपलब्ध मानक खरोंच और सूंघने की गंध की तुलना में।

इसके अलावा इस्माइल ने बताया कि "कैप्सूल-आधारित गंध परीक्षण में, जारी की गई गंध की मात्रा को ठीक तेल की मात्रा से नियंत्रित किया जाता है। हमारे नए परीक्षण का बड़े पैमाने पर उत्पादन भी एक खरोंच और सूंघने वाले परीक्षण की तुलना में सस्ता होगा।"

(स्रोत--आईएएनएस, एसएस/आरजेएस)

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source