सिर्फ एक विटामिन की मदद से आप रख सकते हैं पैंक्रियाज को हेल्दी! जानें कौन सा विटामिन है पैंक्रियाज के लिए जरूरी

अगर आपकी डाइट में विटामिन ए की मात्रा सही नहीं है तो आपको पैंक्रियाज में सूजन के साथ-साथ एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया जैसी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

WrittenBy

Written By: Jitendra Gupta | Published : March 20, 2023 1:20 PM IST

कैंसर अपने आप में ही खतरनाक बीमारी है और अगर आप कीमोथेरेपी ले रहे हैं तो आपको अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। जी हां, अगर आपकी डाइट में कुछ विटामिन की कमी है तो आपको दिक्कत ज्यादा हो सकती है। दरअसल अगर आपकी डाइट में विटामिन ए की मात्रा सही नहीं है तो आपको पैंक्रियाज में सूजन के साथ-साथ एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया जैसी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि अगर आप हाई विटामिन ए वाली डाइट लेते हैं तो इस परेशानी का खतरा आपको कम हो सकता है।

डाइट संबंधी सुधार जरूरी

साइंस ट्रांसलेशनल मेडिसिन में प्रकाशित इस जानलेवा स्थिति को रोकने के लिए ये डाइट संबंधी सुधारबताया गया है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, हेप्टालॉजी एंड न्यूट्रिशन के चीफ एमडी सुहैन हुसैन और सिनसिनाटी चिल्ड्रन के हॉस्पिटल मेडिकल सेंटर के कम्पयुटेशनल बायोलॉजिस्ट अनिल गौड़ जैगा की टीम ने इस स्टडी को किया है।

कैंसर सेल्स को ऐसा रोकती है डाइट

वे लोग, जो ऐस्परैजिनेस नाम के एंजाइम से उपचार करवा रहे हैं उनके रक्त में ऐस्परैजाइन की मात्रा कम हो जाती है, जिसकी वजह से कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने के लिए पर्याप्त मात्रा में तत्व नहीं मिला पाते और उन्हें इस वजह से वृद्धि कर पाने में दिक्कत होती है।

इतने लोगों को खतरा

कीमोथेरेपी के दौरान दी जाने वाली दवाओं में ये दवा भी शामिल हो सकती है, जो कि इंजेक्शन की मदद से आपकी नसों और स्किन से नीचे वाली मांसपेशियों में दी जाती है। हालांकि ऐस्परैजिनेस उपचार के रिएक्शन में 2 से 10 फीसदी लोगों को पैंक्रियाज में सूजन का भी सामना करना पड़ सकता है। एक तिहाई लोगों में इसके लक्षण गंभीर हो सकते हैं।

60 फीसदी तक खतरा

शोधकर्ताओं ने पाया कि ऐस्परैजिनेस के उपचार वाले 1.4 फीसदी मरीजों को पैंक्रियाटाइटिस हुआ क्योंकि ये लोग विटामिन ए ले रहे थे जबकि जिन लोगों ने विटामिन ए नहीं लिया उन्हें ये खतरा 3.4 फीसदी होता है। वहीं अगर आप विटामिन एकम ले रहे हैं तो पैंक्रियाटाइटिस होने का खतरा 60 फीसदी तक बढ़ जाता है।

विटामिन ए की कमी खतरनाक

बता दें कि विटामिन ए की कम मात्रा पैंक्रियाटाइटिस के खतरे को बढ़ाने से जुड़ी हुई है। लेकिन जब शुरू में कोई दवा दी जाती है तो उसकी वजह से टॉक्सिसिटी बढ़ जाती है, जो कि थेरेपी के लिए खतरा बन सकती है। इसमें ऐस्परैजिनेस, थेरेपी मॉडिफायर, विटामिन ए की कमी खतरे को बढ़ाने का काम करती है।

आगे और अध्ययन बाकी

अध्ययन के मुख्य लेखक अनिल कहते हैं कि हमारा अध्ययन अलग-अलग डेटा के समनव्य और ट्रांसलेशनल रिसर्च के विश्लेषण की शक्ति को रेखांकित करता है। हालांकि अभी और अध्ययन किया जाना बाकी है, जो कि इसके साइड-इफेक्ट और दूसरी परेशानियों का पता लगाने में मदद करेगा।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source