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Written By: Jitendra Gupta | Published : August 24, 2022 7:20 PM IST
नाश्ता स्किप करने वाले बच्चों में हो सकती हैं मानसिक परेशानियां! जानें क्यों जरूरी है घर का बना नाश्ता खाना
सुबह का नाश्ता बच्चे से लेकर हर एक व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए कितना जरूरी है इसका अंदाजा शायद ही किसी को हो। एक हालिया अध्ययन में ये पाया गया है कि वे बच्चे, जो घर का बना हेल्दी नाश्ता खाते हैं उनका मानसिक स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहता है। पहले के अध्ययन में पोषक तत्वों से भरपूर नाश्ते की महत्व पर जोर दिया जाता रहा था लेकिन ये पहला अध्ययन है, जिसमें बच्चे के नाश्ता खाने या फिर न खाने के साथ-साथ उसने क्या खाया है इसके प्रभाव का पता लगाने की कोशिश की गई थी। आइए जानते हैं क्या निकले निष्कर्ष।
जर्नल फ्रंटियर इन न्यूट्रिशन में प्रकाशित निष्कर्षों में ये सामने आया है कि हमारे परिणाम बताते हैं कि ये न सिर्फ नाश्ता करने की जरूरत के बारे में बताता है बल्कि ये युवाओं के लिए कितना फायदेमंद है और उन्हें क्या खाना चाहिए ये भी बताता है।
स्पेन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैस्टिला-ला मांचा के शोधकर्ता और अध्ययन के मुख्य लेखक डॉ. जोस फ्रांसिस्को लोपेज-गिल का कहना है कि नाश्ता न करना या फिर बाहर का नाश्ता करना बच्चों में मानिसक और बर्ताव संबंधी परेशानियों के बढ़े हुए खतरे से जुड़ा हुआ है। ठीक इसी तरह कुछ विशेष प्रकार के फूड्स व ड्रिंक्स भी मानिसक और बर्ताव संबंधी परेशानियों से जुड़े हुए हैं।
इस अध्ययन में लोपेज-गिल औरल उनके सहयोगियों ने 2017 के स्पेनिश नेशनल हेल्थ सर्वे के डेटा का विश्लेषण किया। इस सर्वे में नाश्ते से जुड़ी आदतों के साथ-साथ बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के सवाल शामिल थे, जिसमें आत्म सम्मान, मूड और एंग्जाइटी जैसी चीजें शामिल थीं। इन सवालों के जवाब बच्चों के परिजनों, माता-पिता ने दिए थे। इस सर्वे में 4 से 14 साल के कुल 3772 बच्चे शामिल थे।
बात करें अध्ययन से प्राप्त निष्कर्षों की तो लोपेज-गिल और उनकी टीम ने पाया कि घर से बाहर नाश्ता करना, नाश्ता स्किप करने के मुकाबले ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाला होता है। अध्ययन में ये भी बताया गया कि ऐसा इसलिए क्योंकि घर से बाहर खाया जाने वाला नाश्ता न सिर्फ कम पोषक तत्वों वाला होता है बल्कि इसमें गुण भी न के बराबर होते हैं।
अध्ययन के निष्कर्ष ये बताते हैं कि कॉफी, दूध, चाय, चॉकलेट, कोको, दही, ब्रेड, टोस्ट, अनाज और पेस्ट्री ये सभी बर्ताव से जुड़ी परेशानियों की कम संभावना से जुड़े हुए हैं। हैरानी वाली बात ये है कि अंडे, पनीर और हैम बर्गर इस समस्या के ज्यादा खतरे से जुड़े हुए हैं।
बता दें कि ये स्टडी स्पेन तक ही सीमित है और इसके निष्कर्ष भी सिर्फ एक देश तक ही सीमित है। हालांकि पोषक गुणों से भरपूर नाश्तेकी उपलब्धता स्कूलं में कुछ जगहों पर नतीजों को भी प्रभावित कर सकती है।