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रिसर्च में किया गया दावा, वेजिटेरियन डाइट लेने वालों को होता है इस खतरनाक बीमारी का खतरा

डॉक्टर्स और एक्सपर्ट कहते हैं कि वेगन डाइट लेने से व्यक्ति बीमारियों से दूर रहता है। लेकिन हाल ही में हुई एक स्टडी में कहा गया है कि जो लोग वेजिटेरियन डाइट लेते हैं उन्हें बोन फ्रेक्चर का खतरा ज्यादा रहता है।

रिसर्च में किया गया दावा, वेजिटेरियन डाइट लेने वालों को होता है इस खतरनाक बीमारी का खतरा
रिसर्च में किया गया दावा, वेजिटेरियन डाइट लेने वालों को होता है इस खतरनाक बीमारी का खतरा

Written by Rashmi Upadhyay |Updated : November 24, 2020 9:29 AM IST

वेजिटेरियन डाइट लेना हमारी हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे शरीर को ​जिन जरूरी पोषक तत्वों की जरूरत होती है जैसे कि कैल्शियम, बी12 विटामिन, जिंक और आयरन वह सब वेजिटेरियन डाइट से मिल जाते हैं। डॉक्टर्स और एक्सपर्ट कहते हैं कि वेगन डाइट लेने से व्यक्ति बीमारियों से दूर रहता है। लेकिन हाल ही में हुई एक स्टडी में कहा गया है कि जो लोग वेजिटेरियन डाइट लेते हैं उन्हें बोन फ्रेक्चर का खतरा ज्यादा रहता है।

BMC (BIOMED CENTRAL) के ओपन-एक्सेस जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग शाकाहारी आहार यानि कि वेजिटेरियन डाइट लेते हैं और साथ में ​मछली खाते हैं लेकिन मांस नहीं, ऐसे लोगों के शरीर में आवश्यक कैल्शियम और प्रोटीन की कमी नहीं होती है साथ ही ऐसे लोगों में बोन फ्रेक्चर की संभावना भी 43 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। सिर्फ यही नहीं मांस खाने वाले लोगों की तुलना में हड्डी के फ्रैक्चर (कुल) के साथ-साथ कूल्हों, पैरों और कशेरुकाओं के साइट-विशिष्ट फ्रैक्चर का भी अधिक जोखिम होता है।

डॉ टैमी टोंग, न्यूफ़िल्ड एपिडेमियोलॉजिस्ट, न्यूफ़िल्ड डिपार्टमेंट ऑफ़ पॉपुलेशन हेल्थ, यूनिवर्सिटी ऑफ़ ऑक्सफ़ोर्ड में और प्रमुख लेखक का कहना है कि हमने अपनी रिसर्च में पाया है कि वेगन डाइट लेने वाले लोगों को मीट खाने वाले लोगों की तुलना में बोन फ्रेक्चर का 2.3 गुना ज्यादा खतरा रहता है।

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ये हैं हड्डी टूटने के लक्षण

जब भी शरीर के किसी अंग की हड्डी में फ्रेक्चर आता है या फिर वह टूटती है तो मुख्य रूप से तीन लक्षण दिखते हैं। जो बहुत तेज दर्द होना, जिस जगह की हड्डी टूटी है वहां पर सूजन आना या फूलना और उस अंग का टेढ़ा-मेढ़ा हो जाना। यदि हड्डी चमड़ी से उभरी हुई नजर आती है, तो यह संकेत है कि आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर हड्डी में फ्रैक्चर या बोन डिस्प्लेस होने पर एक्सरे कर सकते हैं।

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बोन फ्रेक्चर होने पर करें ये काम

ऐसी स्थिति में हल्दी वाला दूध पीना फायदेमंद होता है। दरअसल, हल्दी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-सेप्टिक गुण फ्रैक्चर में होने वाले दर्द को कम करते हैं। एक कप गर्म हल्दी वाला दूध पीने के लिए दें। इसके साथ ही आप हल्दी और प्याज के पेस्ट को फ्रैक्चर वाले भाग पर लगा सकते हैं। इसके साथ ही फ्रेक्चर वाली जगह पर सरसों का तेल भी लगाया जा सकता है। सरसों के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। हड्डी को मजबूती देने के लिए यह तेल काफी फायदेमंद होता है। शरीर के जिस भाग की भी हड्डी फ्रैक्चर हुई है या चोट लगने से वह भाग सूज गया है, तो गर्म सरसों के तेल से मालिश करें। सरसों के तेल से गर्मी निकलती है, जो दर्द को कम करने में मदद करता है। इस तेल से 2 से 3 बार हल्के हाथों से मसाज करें।