
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : September 25, 2025 3:35 PM IST
Cases of H3N2 in Delhi: हाल ही में आई कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि एच3एन2 वायरल इन्फेक्शन का फैलाव दिल्ली व एनसीआर के क्षेत्रों में और ज्यादा तेज हो गया है। H3N2 यानी इन्फ्लूएंजा ए वायरस सबटाइप एच3एन2 (Influenza A virus subtype) को लेकर सरकार की चिंता भी बढ़ती जा रही है। यह एक ऐसा वायरल इन्फेक्शन है, होने वाले सामान्य सर्दी-खांसी, जुकाम और बुखार से मिलते-जुलते हैं और इस कारण से कई बार लोग सामान्य स्वास्थ्य समस्या समझकर इसे इग्नोर कर देते हैं। ऐसे में एच3एन2 के मरीज की समय रहते देखभाल नहीं हो पाती है और स्थिति गंभीर होती रहती है और इसे अन्य लोगों में फैलने का मौका भी मिल जाता है। ऐसे ही कुछ कारण जिनकी वजह से यह आज के समय में दिल्ली में आधे से ज्यादा घरों में फैल चुका है।
हाल ही में आई एक नई रिपोर्ट और इंटरनेट पर मिली प्रकाशित जानकारियों के अनुसार दिल्ली में 69 प्रतिशत परिवारों में कोई एक या ज्यादा व्यक्ति एच3एन2 वायरल इन्फेक्शन से संक्रमित हो चुका है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह वायरल इन्फेक्शन कितनी तेजी से दिल्ली व एनसीआर में फैलता जा रहा है। हालांकि, इसके लक्षणों की समय रहते पहचान न कर पाना भी इसके फैलने में मदद कर रहा है।
सिर्फ दिल्ली व उसके पास वाले एनसीआर के एरिया ही नहीं बल्कि हरियाणा के करनाल जैसे दूर के शहरों में भी एच3एन2 वायरल इन्फेक्शन के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। दूर के इलाकों में भी तेजी से फैल रहे इन एच3एन2 वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुऐ, इसकी समय रहते देखभाल व बचाव करना बेहद जरूरी है।
एच2एन3 के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह पता लगाना जरूरी है कि यह वायरल इन्फेक्शन कैसे फैलता है। यह एक एयरबोर्न इन्फेक्शन है, जिसका मतलब यह है कि इसका मरीज खांसते, छींकते व बोलते समय भी दूसरों में यह वायरस फैला सकता है। इस दौरान मरीज के मुंह के बहुत ही सूक्ष्म पानी की बूंदें निकलती हैं, जो हवा में मिल जाती हैं। यही बूंदें सांस के दौरान स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में चली जाती हैं और वह व्यक्ति भी इससे संक्रमित हो जाता है और कुछ समय बाद उसे लक्षण दिखने लगते हैं।
इससे वायरल इन्फेक्शन के लक्षण आमतौर पर सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से मेल खाते हैं, जो आमतौर पर इस प्रकार हैं -
यही कारण है कि एच2एन3 के लक्षणों की पहचान करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है, लेकिन कुछ खास चीजें हैं जैसे अचानक से बुखार आना और ठंड लगना आदि जो किसी गंभीर संक्रमण का ही संकेत देते हैं। हालांकि, जो लोग प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं, उन्हें समय पर जांच कराते रहना चाहिए और अगर उपरोक्त में से कोई भी लक्षण दिख रहा है, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
हां, मौसमी फ्लू वैक्सीन H3N2 के खिलाफ कुछ हद तक सुरक्षा देती है। इसे आप डॉक्टर की सलाह पर लगवा सकते हैं।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें। बार-बार हाथ धोते रहें और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। खांसते और छींकते समय मुंह ढकें।
बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, थकान, बदन दर्द इसके आम लक्षण हैं।
H3N2 एक इन्फ्लूएंजा A वायरस का स्ट्रेन है, जो मौसमी फ्लू का कारण बनता है।