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दिल का दौरा : कोरोनरी धमनी रोग या दिल का दौरा ऐसी ही बीमारी है जिससे हृदय गंभीर रूप से बीमार हो सकता है और मरीज की जान को जोखिम पहुंचा सकता है। कोरोनरी धमनी रोग होने पर हृदय की मांसपेशियों में रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है और धीरे-धीरे रक्त प्रवाह पूरी तरह बंद हो जाता है।
जाने-माने हृदयरोग विशेषज्ञ व बॉम्बे अस्पताल के मानद डीन बी. के. गोयल का यहां मंगलवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। उनके परिवार के एक सदस्य ने यह जानकारी दी। वह 82 साल के थे।
उनके परिवार में बेटा राहुल गोयल और तीन बेटियां संध्या मितरसेन, अलका झुनझुनवाला और वर्षा सेठी हैं।
भारत की कई सम्मानित, बड़ी व मशहूर हस्तियों के दिल की देखभाल करने वाले इस हार्ट एक्सपर्ट को पूरे देश में बहुत सम्मान प्राप्त है और वो अपने आप में एक बहुत मशहुर हस्ती रहे हैं। डॉ. गोयल हृदयरोग विशेषज्ञ होने के साथ मुंबई के पूर्व शेरिफ के पद की शोभा भी बढ़ा चुके हैं। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया था।
मिली जानकारी के मुताबिक 82 वर्षीय डॉ. गोयल ने मंगलवार दोपहर 12 बजे अपनी आखिरी सांस ली। डॉ. गोयल मुम्बई के बॉम्बे हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख थे। साथ ही जे.जे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल और मुंबई के ग्रांट मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी विभाग के डायरेक्टर-प्रोफेसर भी थे।
बताया जा रहा है कि डॉ. गोयल के दिल में अचानक एक झटका लगा, जिसके बाद उन्हें जल्द ही मुम्बई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल ले जाया गया। लेकिन हॉस्पिटल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
डॉ. गोयल को साल 2005 में पद्मभूषण और पद्मविभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। डॉ. गोयल बॉम्बे हॉस्पिटल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख थे।
स्रोत- IANS Hindi.