आईसीएमआर ने कहा, कोरोना के मरीजों पर रेमडेसिवीर ड्रग का सावधानी से करें उपयोग वरना किडनी, लिवर हो सकता है खराब

आईसीएमआर ने कहा है कि रेमडेसिवीर का अत्यधिक सावधानी के साथ उपयोग किया जाना है, क्योंकि इसके गंभीर प्रभाव पड़ने की संभावना है, जिसमें लिवर और किडनी को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Updated : July 12, 2020 11:48 PM IST

Remdesivir for corona treatment: भारत में कोविड-19 (Covid-19 in india) संक्रमितों की कुल संख्या शनिवार को 8 लाख के पार हो गई। पिछले चार दिनों में देश में कोरोना के एक लाख मामले सामने आए हैं। स्थिति दिन ब दिन भयावह होती जा रही है। इधर सरकार ने ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहने वाले कोरोना रोगियों के मामले में प्रतिबंधित रेमडेसिवीर (Use of Remdesivir drug) इंजेक्टेबल फॉर्मूलेशन के उपयोग पर सावधानी बरतने की बात कही है।

रेमडेसिवीर का अधिक उपयोग किडनी, लिवर के लिए खतरनाक

आईसीएमआर (ICMR) ने आज बताया कि रेमडेसिवीर (caution on Remdesivir) का अत्यधिक सावधानी के साथ उपयोग किया जाना है, क्योंकि इसके गंभीर प्रभाव पड़ने की संभावना है, जिसमें लिवर और किडनी को भारी नुकसान (side effects of remdesivir in hindi) पहुंच सकता है।

ड्रग टोसिलिजुमैब (Tocilizumab) के इस्तेमाल से संबंधित भी ऐसी चेतावनी दी गई थी। इस दवा को भी उन कोरोना मरीजों पर ही इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी, जिनमें ऑक्सीजन का स्तर काफी कम था। आईसीएमआर ने कहा कि इन दवाओं का इस्तेमाल करने की इजाजत सिर्फ आपातकालीन परिस्थितियों में ही दी जाती है। इन दवाओं (antiviral drug remdesivir) का अंधाधुंध उपयोग या उन स्थितियों में इस्तेमाल करना, जहां जरूरत नहीं होती, लाभ पहुंचाने की बजाय अधिक नुकसान पहुंचा सकता है।

रेमडेसिवीर मृत्यु दर नहीं करता कम

रेमडेसिवीर (Remdesivir for corona treatment in hindi) से संबंधित अब तक उपलब्ध तथ्य ये दर्शाते हैं कि यह मध्यम (Moderate) से गंभीर (Severe) कोरोना मामलों में क्लिनिकल ​​सुधार के समय को कम कर सकता है, लेकिन मृत्यु दर (Mortality) को कम नहीं करता है।

भारत में अब प्रतिदिन रिकॉर्ड दर्ज कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। कोविड-19 से कुल संक्रमितों की संख्या 8,49,553 हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में 519 मौतें दर्ज हुईं हैं। भारत में अब तक कोरोना से 22,674 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब पेशेंट मैनेजमेंट की तरफ ध्यान केंद्रित किया गया है। ICMR ने कहा है कि क्लिनिकल मैनेजमेंट का फोकस ऑक्सीजन थेरेपी (हाई फ्लो नेजल ऑक्सीजन भी शामिल), स्टेरॉयड (व्यापक रूप से उपलब्ध और सस्ती) और समय-समय पर एंटी-कोगुलेंट्स (anti-coagulants) और उच्च गुणवत्ता वाले सपोर्टिव केयर की तरफ होना चाहिए।

एंटीवायरल दवा रेमडेसिवीर का प्रभाव कोरोना संक्रमित लंगूरों पर दिखा पॉजिटिव, शुरू हुआ संक्रमित मरीजों पर भी दवा का परीक्षण

Covid-19 Treatment: सिप्ला एंटी-वायरल दवा रेमडेसिवीर को भारत में सिप्रेमी के नाम से बेचेगी

Remdesivir for covid-19: इमरजेंसी में कोरोना के मरीजों को दी जाएगी रेमडेसिवीर दवा, सिर्फ 5 डोज की इजाजत