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कोरोना संक्रमण के इलाज में रेमडेसिवीर कितनी कारगर? महाराष्ट्र में कोविड टास्क फोर्स कर रही है जांच

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने एक स्टडी का हवाला देते हुए बयान दिया है कि, कोविड संक्रमितों के इलाज के लिए यह दवाई बिल्कुल प्रभावी नहीं है। लेकिन, महाराष्ट्र राज्य में इस दवाई का प्रयोग कोविड-19 के लिए इलाज के लिए किया जा रहा है।

कोरोना संक्रमण के इलाज में रेमडेसिवीर कितनी कारगर? महाराष्ट्र में कोविड टास्क फोर्स कर रही है जांच
कोरोना संक्रमण के इलाज में रेमडेसिवीर कितनी कारगर? महाराष्ट्र में कोविड टास्क फोर्स कर रही है जांच

Written by Sadhna Tiwari |Updated : October 20, 2020 1:01 PM IST

Remdesivir for Covid-19 Treatment:कोविड-19 संक्रमण के इलाज के लिए पहले से उपबल्ध दवाइयों के कॉम्बिनेशन की मदद ली जा रही है। इसीलिए, अलग-अलग दवाइयों की उपयोगिता और प्रभाव की जांच के साथ-साथ उनकी सेफ्टी और साइड-इफेक्ट्स के बारे में अक्सर नये दावे किए जाते रहे हैं। ऐसी ही एक दवा है रेमडेसिवीर (Remdesivir) , जिसे प्रारंभिक स्तर पर इबोला के इलाज के लिए विकसित किया गया था। अमेरिका में इस दवा को कोविड-19 के इलाज में कारगर मानकर प्रयोग किया जा रहा है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने एक स्टडी का हवाला देते हुए बयान दिया है कि, कोविड संक्रमितों के इलाज के लिए यह दवाई बिल्कुल प्रभावी नहीं है। (Remdesivir and Covid-19 Treatment)

रेमडेसिवीर के प्रभाव की होगी विशेष जांच

इसी बीच भारत में महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra,)ने इस दवाई की विशेष जांच करने की घोषणा की है। महाराष्ट्र राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Rajesh Tope) ने बताया है कि, महाराष्ट्र में एक विशेष टास्क फोर्स का बनाया गया है जो इस बात की जांच करेगा कि  रेमडेसिवीर (Remdesivir) दवा  कोविड-19 इंफेक्टेड (Covid-19 Infected) लोगों के इलाज में कारगर है या नही। यह टास्क फोर्स अस्पताल में दाखिल करवाए गए गम्भीर कोविड-19 इंफेक्टेड लोगों को यह दवा देने से जुड़े कुछ गाइडलाइन्स भी जारी करेगी।

इलाज के दौरान जल्दी डोज़ देने से असरदार साबित होती है रेमडेसिवीर

मीडिया से बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि, इस टास्क फोर्स ने अभी तक की अपनी जांच में रेमडेसिवीर को कोविड-19 इंफेक्शन के इलाज में कारगर पाया है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को भी पत्र लिखा जाएगा। इस कोविड टास्क फोर्स के चेयरमैन संजय ओक के मुताबिक, कोविड-19 इंफेक्शन के उपचार के दौरान अगर 3-9 दिनों के भीतर यह दवा मरीज़ को दी जाती है तो, उसका असर दिखायी पड़ता है।

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बता दें कि, महाराष्ट्र कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बना हुआ है। यहां अब तक 16,01,365 मामले सामने आ चुके हैं और 42,240 मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके बाद आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और दिल्ली का स्थान है। जबकि, भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस के 46,790 नए मामले सामने आए, जिसके बाद देश में कुल मामलों की संख्या 75,97,063 हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को ये जानकारी दी।