रेड मीट और चीनी करें कम, तो 2050 तक नहीं होगी कोई समस्‍या

अगर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद लोग अपनी डायट में अलग-अलग तरह का बदलाव करें तो एक परफेक्ट डायट तैयार हो जाएगी। इससे न सिर्फ आप हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कैंसर जैसी कई बीमारियों से बचे रहेंगे!

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Written By: Yogita Yadav | Published : January 17, 2019 7:28 PM IST

वैज्ञानिकों ने एक ऐसा स्पेशल डायट तैयार किया है जिसे अगर सभी लोग फॉलो करना शुरू कर दें तो इससे न सिर्फ आपकी और हमारी सेहत को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा, बल्कि इससे हमारी धरती भी सुरक्षित रहेगी और साल 2050 तक 1 हजार करोड़ों लोगों का पेट भी भरा जा सकेगा। अगर धरती पर मौजूद सभी लोग अपनी डायट में रेड मीट और शुगर में 50 प्रतिशत की कमी कर दें और उसकी जगह फल और सब्जियां ज्यादा खाना शुरू कर दें तो हर साल समय से पहले मरने वालों की संख्या में कमी लायी जा सकेगी।

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दो साल में तैयार हुआ डायट प्‍लान

ईट लान्‍सेट कमिशन के तहत दुनियाभर के 37 वैज्ञानिक एक साथ आए और उन्होंने मिलकर द प्लैनेट्री हेल्थ डायट नाम का यह डायट तैयार किया। वैज्ञानिकों को इस डायट को तैयार करने में 2 साल का वक्त लग गया और क्लाइमेट चेंज से लेकर न्यूट्रिशन तक को शामिल किया गया। फिलहाल दुनिया की आबादी 7.7 बिलियन है जो 2050 तक बढ़कर 10 बिलियन यानी 1 हजार करोड़ हो जाएगी और इतनी बड़ी आबादी का पेट भरने के लिए सभी को अपने खान-पान में बदलाव करने की जरूरत है।

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क्‍या है डायट प्‍लान

कई वैज्ञा‍निकों ने दो साल की कड़ी मेहनत के बाद जो डायट प्‍लान तैयार किया है, उसमें यह भी तय किया गया है कि किसको कितना और क्‍या खाना है।

नट्स- 50 ग्राम प्रति दिन

बीन्स, दाल, फलियां, छोला-राजमा आदि - 75 ग्राम प्रति दिन

फिश- 28 ग्राम प्रति दिन

अंडे- 13 ग्राम प्रति दिन

रेड मीट- 14 ग्राम प्रति दिन

चिकन- 29 ग्राम प्रति दिन

होल ग्रेन (ब्रेड और राइस)- 232 ग्राम प्रति दिन

स्टार्च वाली सब्जियां- 50 ग्राम प्रति दिन

डेयरी- 250 ग्राम प्रति दिन

सब्जियां- 300 ग्राम प्रति दिन

फल- 200 ग्राम प्रति दिन

शुगर- 31 ग्राम प्रति दिन

ऑइल- 50 ग्राम प्रति दिन

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जरूरत है ग्‍लोबल चैंज की

वैज्ञानिकों का कहना है कि यूरोप और नॉर्थ अमेरिका के लोग रेड मीट का सेवन बहुत ज्यादा करते हैं लिहाजा उन्हें उसमें कमी करने की जरूरत है जबकि ईस्ट एशिया के लोगों को मछली के सेवन में कमी करने की और अफ्रीका के लोगों को स्टार्च वाली सब्जियों के सेवन में कमी करने की जरूरत है। ऐसे में अगर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद लोग अपनी डायट में अलग-अलग तरह का बदलाव करें तो एक परफेक्ट डायट तैयार हो जाएगी। इससे न सिर्फ आप हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कैंसर जैसी कई बीमारियों से बचे रहेंगे बल्कि हर साल करीब 1 करोड़ लोगों की जो समय से पहले मौत हो जाती है उसे भी रोका जा सकेगा।

धरती को कैसे होगा फायदा

- इस तरह के डायट प्लान से ग्रीन हाउस गैस एमिशन में कमी आएगी जो क्लाइमेट चेंज की सबसे बड़ी वजह है

- धरती पर इस वक्त मौजूद नस्लों और प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाया जा सकेगा

- पानी की बर्बादी रोकने में मदद मिलेगी और पानी बचेगा

- खेती योग्य भूमि को बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी

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