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भारत में हार्ट अटैक से साल में 6 लाख लोगों की मौत, इन कारणों से बढ़े कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले

भारत में हार्ट अटैक से साल में 6 लाख लोगों की मौत, इन कारणों से बढ़े कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले

हार्ट अटैक से मरनेवालों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्हें हृदय रोग की कोई समस्या नहीं थी, लेकिन अचानक हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु हो गई।

Written by Sadhna Tiwari |Updated : December 8, 2023 7:51 PM IST

Heart Attack in India: भारत में 50 वर्ष से कम उम्र के 5 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु हार्ट अटैक से हुई है। शुक्रवार को यह जानकारी  राज्यसभा में सामने आयी जहां सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण विषय है और इस तरफ ध्यान देना जरूरी है। शुक्रवार को राज्यसभा में प्रियंका ने कहा कि, ऐसे लोग जिन्हें हार्ट से जुड़ी कोई बीमारी नहीं थी उन्हें भी अचानक से हार्ट अटैक आया और उनकी हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। इसकी एक बड़ी वजह कोरोना संक्रमण भी रहा।

कोरोना के बाद बढ़े सडेन हार्ट अटैक के मामले

इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि लोगों में बढ़ रहे हार्ट अटैक और कोरोना संक्रमण के बीच के संबंध की जांच किया जाए। बता दें कि कोरोना महामारी के दौरान लोगों में हार्ट अटैक के मामले बढ़े थे। वहीं, कुछ वैक्सीन्स और दवाओं के साइड-इफेक्ट्स के कारण भी हार्ट अटैक के मामले बढ़ने के दावे किए गए।

रिसर्च जर्नल लैंसेट की स्टडी में यह कहा गया है कि, भारत में 5 से 6 लाख लोगों की मृत्यु हार्ट अटैक से हो गई और इनमें से अधिकांश 50 वर्ष से कम थी। यह सिर्फ मरीजों के परिवार बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी बहुत दुखद है। इस तरह यंगस्टर्स की हार्ट अटैक से मृत्यु होना भी चिंता का कारण है।

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स्वस्थ लोगों का भी हार्ट हो रहा फेल

वहीं, कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां क्रिकेट खेलते खेलते खिलाड़ी की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। तो वहीं, इस साल नवरात्रि में  गरबा और डांडिया करते-करते हार्ट अटैक आने और लोगों की मृत्यु की खबरें आएं। जबकि, इन लोगों में हार्ट डिजिज की कोई हिस्ट्री नहीं थी।इ सी तरह कुछ दिनों पहले ट्रेन में 38 साल के एक स्वस्थ युवा को अचानक हार्ट अटैक आया।

कम उम्र में हार्ट अटैक के कारण (Heart attack in young age reasons in hindi)

एक्सपर्ट्स के अनुसार 40 और 50 साल से कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों के ये कारण हैं-

  • अनहेल्दी लाइफस्टाइल और गलत तरीके का खानपान
  • बहुत अधिक तनाव
  • प्रदूषण
  • हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल
  • हाई बीपी की समस्या
  • मोटापा
  • स्टेरॉइड्स और सप्लीमेंट्स का सेवन
  • गलत तरीके से एक्सरसाइज करना