
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : May 4, 2021 2:36 PM IST
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोविड टेस्टिंग (Rapid antigen test) के इस अभियान के लिए सभी जरूरी तैयारी कर ली गई हैं।
भले ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) मडिया के सामने आकर बार बार यह दावा कर रहे हों यूपी में कोरोना कंट्रोल में हैं। लेकिन जमीनी हकीकत से सीएम योगी भी अच्छी तरह से वाकिफ है। राज्य के अस्पतालों में बेडों और ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीज दम तोड़ने को मजबूर है। यूपी में कोरोना स्थिति (Coronavirus in Uttar Pradesh in hindi) इतनी बिगड़ी हुई है कि कई लोगों का कोरोना टेस्ट भी नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में कोरोना मरीजों की पहचान करने के लिए एक अभियान चलाने की योजना बनाई है। 5 मई से यूपी सरकार गांव-गांव जाकर बीमार मरीजों का रैपिड एंटीजन टेस्ट (Rapid antigen test in Uttar Pradesh in hindi) कराएगी। इससे तुरंत पता चल जाएगा कि किसे कोरोना है और किसे नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में एंटीजन टेस्ट करने के लिए 10 लाख एंटीजेन किट उपलब्ध कराई गई है और 10 लाख से अधिक मेडिकल किट बांटे जाएंगे।
इस अभियान के चलते जो भी व्यक्ति रैपिड एंटीजन टेस्ट (Rapid antigen test) में कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है उसका तुंरत इलाज शुरू कर दिया जाएगा। सिर्फ यही नहीं उस व्यक्ति को इलाज के लिए दवाई वाली एक कोविड किट और आयुष काढ़ा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि कोविड संक्रमण से गांवों को बचाने के लिए गांव- गांव में कोविड टेस्टिंग किया जाना तथा गांवों में सैनिटाइजेशन पर जोर देने से कोरोना को रोकने में काफी मदद मिल सकती है। जिसके चलते ही अब प्रदेश के सभी 97 हजार राजस्व गांवों में कोविड टेस्टिंग का अभियान चलाने की योजना तैयार की गई है।
गांव-गांव में कोरोना संक्रमित मरीज की तलाश के लिए चलाया जाने वाले कोविड टेस्टिंग अभियान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी की देखरेख मेडिकल स्टाफ तथा आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकतार्ओं के जरिए चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोविड टेस्टिंग (Rapid antigen test) के इस अभियान के लिए सभी जरूरी तैयारी कर ली गई हैं। जिसके तहत गांवों में एंटीजेन टेस्ट करने के लिए दस लाख एंटीजेन किट उपलब्ध कराई गई है। इन एंटीजन किट के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक टेस्ट कराए जाएंगे। इसके अलावा दस लाख से अधिक मेडिकल किट उपलब्ध कराए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में एंटीजन टेस्ट करने के लिए हर गांव में जाने वाले रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) एंटीजेन किट लेकर जाएगी। यह टीम गांव में अस्वस्थ व्यक्ति का एंटीजन टेस्ट के लिए एंटीजेन किट से कोविड टेस्ट करेंगी। इस टेस्ट में जो ग्रामीण पॉजिटिव पाए जाएंगा अथवा जिस ग्रामीण में कोविड के लक्षण होंगे, उन्हें मेडिकल प्रोटोकॉल का मुताबिक उपचार दिया जाएगा। ऐसे ग्रामीण मरीजों को इलाज के लिए एक मेडिकल किट दी जाएगी, जिसमें कोविड का इलाज करने वाली दवाएं होंगी। ऐसे मरीजों का निगरानी समिति लगातार ध्यान रखेगी और आवश्यकतानुसार कोविड से संक्रमित मरीज को अस्पताल में एडमिट कराने की व्यवस्था भी जाएगी अथवा उसे क्वारंटाइन किया जाएगा।
होम आइसोलेशन में ऐसे मरीजों का कैसे इलाज किया जाएगा, यह भी बताया जाएगा। कोविड संक्रमित हर शहरी और ग्रामीणों क्षेत्र के मरीज को मेडिकल किट देने के लिए भी दस लाख मेडिकल किट की व्यवस्था की गई है। सरकार का मत है कि गांवों में कोविड टेस्टिंग के इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और कोरोना के घुसपैठ को रोका जा सकेगा।