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Rajinikanth's Health News: मेगास्टार रजनीकांत की शुक्रवार को हॉस्पिटल में कैरोटिड आर्टरी रिवैस्कुलराइजेशन (Carotid Artery Revascularization) नाम की एक सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हो गई। कावेरी हॉस्पिटल के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि एक्टर जल्दी रिकवर हो रहे हैं और कुछ दिनों में उन्हें हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करने की संभावना है।
रजनीकांत (Rajinikanth News) को गुरुवार को चक्कर आने के बाद चेन्नई के कावेरी अस्पताल (Kauvery Hospital) में भर्ती कराया गया था। एक बयान में सह-संस्थापक और कार्यकारी निदेशक डॉ. अरविंदन सेल्वराज ने कहा, "डॉक्टरों की विशेषज्ञ पैनल टीम ने उनकी जांच की और उन्हें कैरोटिड आर्टरी रिवैस्कुलराइजेशन की सर्जरी करने की सलाह दी गई थी।"
डॉ. सेल्वराज ने कहा, "आज (29 अक्टूबर) को प्रक्रिया सफलतापूर्वक की गई और वह ठीक हो रहे हैं। कुछ दिनों के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है।" गुरुवार को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित रजनीकांतने ट्वीट किया था कि उन्होंने बुधवार को अपने पोते के साथ रिलीज होने वाली फिल्म 'अन्नात्थे' देखी। पिछले साल, रजनीकांत ने अपने स्वास्थ्य की स्थिति का हवाला देते हुए बहुप्रतीक्षित राजनीति में कदम नहीं रखा।
कैरोटिड आर्टरी रिवैस्कुलराइजेशन ब्लॉकेज को खोलने की प्रक्रिया है, जिसमें कैरोटिड आर्टरीज में रक्त प्रवाह में सुधार आता है। दो तरह के कैरोटिड आर्टरीज होती हैं, जो गर्दन के दाईं और बाईं तरफ होती हैं। ये मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति करते हैं। यह प्रक्रिया एंजियोप्लास्टी या कैरोटिड एंजियोप्लास्टी की तरह होती है, जो कि कमर या हाथ की धमनी में पंचर (Puncture) लगाकर और रुकावटों को खोलने के लिए कैरोटिड धमनी में स्टेंट लगाकर की जाती है।
इसका इलाज दो तरह से किया जा सकता है- डॉक्टर आर्टरी को खोलकर ब्लॉकेज को दूर करता है या फिर इसे एंडोवैस्कुलर स्टेंट के जरिए से अंजाम दिया जाता है। इसमें मरीज की भी राय ली जाती है कि उसे किस तरीके से इलाज करवाना है। मरीज के लिए कौन सी प्रक्रिया अधिक फायदेमंद होगी इस पर भी गौर किया जाता है। उसके बाद ही ब्लॉकेज को हटाया जाता है।
सर्जरी की यह पूरी प्रक्रिया 45 से 60 मिनट के अंदर हो जाती है। इसमें मरीज स्टेंटिंग प्रक्रिया को चुनता है, तो सिर्फ लोकल एनेस्थीसिया दी जाती है। मरीज को कुछ समय तक निगरानी में रखा जाता है और दो से तीन दिन के अंदर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया जाता है।
कैरोटिड आर्टरी रिवैस्कुलराइजेशन प्रक्रिया के 98-99 प्रतिशत तक सफल होने की संभावना होती है और यह काफी सुरक्षित है।