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Written By: Editorial Team | Updated : November 20, 2018 8:35 PM IST
रसायन एवं उर्वरक, सड़क परिवहन व राजमार्ग और शिपिंग राज्य मंत्री मनसुख एल. मंडाविया ने एक वक्तव्य में यह जानकारी दी कि ‘सभी के लिए किफायती, उत्तम दवाएं’ सुनिश्चित करने की सरकारी पहल से देश भर में मरीजों ने लगभग 15,000 करोड़ रुपये बचाए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) के अनुमानों से यह जानकारी मिली है।
देश के सभी नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को ध्यान में रखते हुए रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने दवा मूल्य नियंत्रण ऑर्डर (डीपीसीओ), 2013 को लागू करते हुए आवश्यक एवं जीवन रक्षक दवाओं के अधिकतम मूल्य और अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) तय करने का कदम उठाया है। श्री मंडाविया ने कहा कि इस कदम से मरीज अब तक 5,000 करोड़ रुपये से भी अधिक की राशि बचाने में सफल रहे हैं, जो यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है कि देश में किफायती एवं उत्तम दवाओं के अभाव के कारण कोई भी नागरिक इलाज से वंचित न रह जाए।
मंडाविया ने बताया कि इसके अलावा कोरोनरी स्टेंट के अधिकतम मूल्य तय करने (फरवरी 2017 में, इसके बाद फरवरी 2018 में पुनर्निर्धारण) से लेकर अब तक लगभग 10 लाख हृदय रोगियों ने तकरीबन 8,000 करोड़ रुपये बचाए हैं। इसी तरह घुटना प्रत्यारोपण के अधिकतम मूल्य तय करने (अगस्त 2017 में) से लेकर अब तक घुटना प्रत्यारोपण कराने वाले लगभग 1.5 लाख मरीजों ने तकरीबन 2,000 करोड़ रुपये बचाए हैं।
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