Preventing Coronavirus Transmission: योग, आयुर्वेद और सोशल डिस्टेंसिंग की मदद से ईशा फाउंडेशन के वॉलिंटियर्स ने ऐसे दी कोरोना को मात

कोयम्बटूर शहर (Coimbatore) में स्थित ईशा फाउंडेशन के 3 हजार वॉलिंटियर्स ने आश्रम में रहते हुए ना केवल कोविड को हराया बल्कि, आसपास के 43 गांवों में भी इस जानलेवा बीमारी को फैलने से रोका है। यहां पढ़ें कैसे हुआ यह संभव (Tips for Preventing Coronavirus Transmission)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 1, 2021 3:41 PM IST

Preventing Coronavirus Transmission: भारत में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर की चपेट में जहां बहुत से लोग आ गए हैं वहीं, देश के दक्षिणि राज्य तमिल नाडु में स्थित एक आश्रम ने अपनी सूझबूझ और समझदारी से कोविड रिकवरी का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। तमिल नाडु के कोयम्बटूर शहर (Coimbatore) में स्थित ईशा फाउंडेशन के 3 हजार वॉलिंटियर्स ने आश्रम में रहते हुए ना केवल कोविड को हराया बल्कि, आसपास के 43 गांवों में भी इस जानलेवा बीमारी को फैलने से रोका है। (Tips for Preventing Coronavirus Transmission in Hindi)

गौरतलब है कि तमिलनाडु कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में से है। लेकिन, राज्य में ही स्थित ईशा फाउंडेशन के आश्रम के हजारों वॉलिटिंयर्स ने खुद को इस वायरस से सुरक्षित रखा है। यह काम देखने में बहुत मुश्किल है लेकिन, एक विशेष रणनीति के तहत आश्रम ने इस मुश्किल काम में कामयाबी पायी।

ऐसे रोका कोरोना वायरस का प्रसार

इंडिया टूडे टीवी को दिए एक इंटरव्यू में ईशा योग सेंटर की एडमिनिस्ट्रेटिव कॉर्डिनेटर मां जायित्री ने बताया कि, पिछले एक साल से हमने कोविड प्रोटोकॉल पर बहुत ध्यान दिया। हमने आश्रम क्षेत्र में मेहमानों के आने पर पाबंदी लगा दी और सभी प्रकार की आउटडोर गतिविधियां भी बंद कर दीं। इसके अलावा हमने नियमों का पालन ना करने वालों के लिए सजा का भी प्रावधान बनाया। जैसे अगर कोई व्यक्ति मास्क नहीं पहनता तो उसे कुछ घंटों के लिए एक बोर्ड पकड़कर आश्रम में खड़े रहने की सजा दी जाती है।"  (Preventing Coronavirus Transmission by Isha Foundation) आश्रम की तरफ से कुछ बातों का ध्यान रखा गया जैसे-

  • रोज़ाना शरीर के तापमान यानि बॉडी टेम्परेचर की जांच (regular temperature checks)
  • सैनिटाइजेशन (sanitization)
  • सोशल डिस्टेंसिंग
  • आश्रम के नियमित कार्य जैसे बागवानी, योगाभ्यास, रसोई में खाना पकाने और संगीत तैयार करने के दौरान भी इन नियमों का पालन किया गया

आयुर्वेदिक औषधियों पर है विश्वास

गौरतलब है कि सदगुरु हमेशा क्लीन इटिंग यानि शुद्ध सात्विक भोजन और आयुर्वेद की सलाह देते हैं। कोविड-19 संक्रमण के खिलाफ खुद की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए भी यह तरीका उनके आश्रम ने अपनाया। आयुर्वेद में इम्यूनिटी बढ़ानेवाली औषधियों के तौर पर उल्लेखित हल्दी और नीम जैसी का सेवन यहां लोग नियमित करते हैं।

ऐसी होती है आश्रम में वॉलिटिंयर्स की दिनचर्या

  • सभी वॉलिटिंयर्स सुबह 4.30 बजे उठते हैं और उसके बाद वे नीम की पत्तियों और हल्दी के साथ एक गिलास गर्म पानी पीते हैं।
  • आश्रम में रहने वाले लोग दिन में 2 बार खाली पेट ‘निलवेम्बु कासयम’ ('Nilvembu Kashayam) नामक आयुर्वेदिक ड्रिंक का सेवन करते हैं।
  • दिन में दो बार फलों और कच्ची सब्ज़ियों से तैयार सात्विक भोजन किया जाता है।
  • इसी तरह वॉलिंटियर्स रोज़ाना 3 मिनट की योग मुद्रा ‘सिम्हा क्रिया’ का भी अभ्यास करते हैं।
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