
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 24, 2021 10:10 PM IST
Covid-19 Antibodies in fetus : गर्भवती मां से भ्रूण तक पहुंच सकती हैं प्रोटेक्टिव एंटीबॉडीज़, स्टडी का दावा
Covid-19 Antibodies in fetus:कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आने का खतरा अब हर किसी के ऊपर मंडरा रहा है। इन सबके बीच बार-बार यह बातें भी उठती रहती हैं कि क्या गर्भ में पल रहे बच्चे कोविड-19 से सुरक्षित हैं? क्योंकि, कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां कोरोना संक्रमित प्रेगनेंट महिलाओं से उनके गर्भस्थ शिशु को संक्रमण हो चुका है। लेकिन, अब एक नयी स्टडी में कहा गया है कि, गर्भ में पल रहे बच्चों को उनकी माता कोरोना वायरस से सुरक्षित रख सकती है। दरअसल, इस रिसर्च के परिणामों के आधार पर दावा किया गया है कि प्रेगनेंट माता से गर्भ में पल रहे बच्चे या भ्रूण तक कोरोना एंटीबॉडीज़ पहुंच सकती है। (Covid-19 Antibodies in fetus in hindi)
इस रिसर्च में कहा गया है कोविड-19 संक्रमण के खिलाफ असरदार एंटीबॉडीज (Protective Covid-19 Antibodies ) अगर किसी महिला के शरीर में मौजूद हैं तो उनके पेट में पल रहे बच्चे को भी इसका फायदा मिलेगा। इस स्टडी का आयोजन अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के रिसर्रच की एक टीम ने किया।
एक्सपर्ट्स की राय है कि इस स्टडी के परिणामों के आधार पर अब यह स्पष्ट हो चुका है कि प्रेगनेंट मदर्स के शरीर में बननेवाली कोरोना एंटीबॉडीज़ उनके बच्चे को भी सुरक्षित रखती हैं।जबकि, अब तक इस दिशा में केवल अनुमान लगाए जा रहे थे कि कोविड-19 वैक्सीनेशन (Covid-19 Vaccination) के बाद निर्मित कोरोना एंटीबॉडीज भ्रूण (fetus) को भी मिलती है। लेकिन, कोई सटीक डेटा ना होने के कारण अब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका था।
रिसर्च के दौरान 88 गर्भवती महिलाओं के सैम्पल्स लिए गए हैं। इन महिलाओं ने मार्च 2020 और मई 2020 के बीच बच्चे को जन्म दिया था। रिसर्च के दौरान सभी महिलाओं के ब्लड में एंटीबॉडीज़ पायी गयीं। रिसर्चर्स का मत है कि ये सभी महिलाएं कोरोना वायरस के सम्पर्क में आयीं थीं। लेकिन, इनमें से 58 प्रतिशत महिलाओं में कोविड-19 इंफेक्शन के लक्षण नहीं देखे गए।
इस रिसर्च के दौरान प्रतिभागियों के बच्चों के खून में कोरोना एंटीबॉडीज़ पायी गयीं। इन सभी बच्चों को जन्म कोविड-19 नेगेटिव पाया गया। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन बच्चों तक गर्भनाल के माध्यम से एंटीबॉडीज़ पहुंच रही हैं।