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प्रार्थना : तनाव मुक्‍त कर, बेहतर दिन के लिए करती है तैयार

हाल ही में ऐसे कई शोध सामने आए हैं जिनमें यह पाया गया कि कॅरियर, रिश्‍तों और परिवार के तनाव के बीच लोगों में मनोभ्रंश अर्थात डिमेंशिया के मामले बढ़ रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि आप अपने दिन की शुरूआत उस चीज से करें जो आपको तनाव मुक्‍त कर बेहतर परफॉर्मेंस के लिए तैयार करती है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : August 8, 2019 10:13 AM IST

टारगेट, अपेक्षाओं और जिम्‍मेदारियों के बीच स्‍ट्रेस लेवल इतना ज्‍यादा बढ़ता जा रहा है कि जिस समय परफॉर्मेंस बढ़ानी होती है, तब हम तनाव में इसे और कम कर देते हैं। हाल ही में ऐसे कई शोध सामने आए हैं जिनमें यह पाया गया कि कॅरियर, रिश्‍तों और परिवार के तनाव के बीच लोगों में मनोभ्रंश अर्थात डिमेंशिया के मामले बढ़ रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि आप अपने दिन की शुरूआत उस चीज से करें जो आपको तनाव मुक्‍त कर बेहतर परफॉर्मेंस के लिए तैयार करती है। और वह है प्रार्थना। आइए जानते हैं क्‍या हैं प्रार्थना के सेहत लाभ।

एंगर मैनेजमेंट (Prayer Benefits)

आपके काम की क्षमता और सेहत को सबसे ज्‍यादा नुकसान पहुंचाता है गुस्‍सा। इसलिए जरूरी है कि गुस्‍से को काबू किया जाए। प्रार्थना एंगर मैनेजमेंट सिखाती है। नियमित रूप से प्रार्थना करने वाले लोग किसी भी परिस्थिति में अपना आपा नहीं खोते। वे अपने क्रोध को नियंत्रित करना जानते हैं और इसी कारण से ना सिर्फ परेशानियों से बचते हैं, बल्कि समाज में सम्मान भी पाते हैं।

फोकस बढ़ाती है (Prayer Benefits)

आप चाहें किसी भी धर्म के मानने वाले हों, जब आप अपने ईष्‍ट के सामने पूरी तरह स‍मर्पित होकर खड़े होते हैं तब आपका तन और मन एक ही कोण पर आ जाते हैं। फोकस बढ़ाने के लिए यही सबसे ज्‍यादा जरूरी है कि आपका मस्तिष्‍क और मन एक ही बिंदु पर केंद्रित हों। हर रोज सिर्फ पांच मिनट की प्रार्थना भी आपका फोकस बढ़ाने में मदद करती है।

Prayer benefits, health benefits of prayer. वैज्ञानिकों ने पाया है कि प्रार्थना करने वाले लोगों का हृदय दूसरों के मुकाबले अधिक नर्म और कोमल होता है।

माफ करना (Prayer Benefits)

रिश्‍तों में सबसे ज्‍यादा तनाव छोटी-छोटी गलतियों के कारण आता है। गलती हमारी हो तो हम भूल जाते हैं जबकि दूसरे की हो तो हम सिर पर सवार हो जाते हैं। जबकि खुद को और अपने रिश्‍तों को कूल रखने के लिए जरूरी है कि हम माफ करना भी सीखें। वैज्ञानिकों ने पाया है कि प्रार्थना करने वाले लोगों का हृदय दूसरों के मुकाबले अधिक नर्म और कोमल होता है। उनमें करूणा की भावना बलवती होती है। वे दूसरों के कष्टों, पीड़ाओं को अधिक स्पष्टता से महसूस करते हैं और इसीलिए वे लोगों को आसानी से क्षमा कर देते हैं।

कंफेशन 

गलतियां सभी से होती हैं। परंतु प्रेयर करते समय हमें अपनी वह सब गलतियां याद आ जाती हैं। हर रोज यही प्रक्रिया दोहराते हुए हमारे विचारों को इसका अभ्‍यास होता है। जिससे हम जीवन में कभी गिल्‍ट महसूस नहीं करते। हमें यह अहसास होता है कि हम भी अकसर गलतियां करते ही हैं और उन्‍हें बिना किसी ग्‍लानि के स्‍वीकार पाते हैं।

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