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Post COVID Syndrome: कोरोना से रिकवर हुए मरीजों के ये 6 अंग हो रहे हैं सबसे ज्‍यादा प्रभावित, डॉक्टर्स से जानिए इनके बारे में 

स्टडी बताती है कि केवल 10.8% लोग ऐसे हैं जिनमें COVID-19 से सही होने के बाद कोई लक्षण नहीं है। जबकि 72% लोग ऐसे हैं जिनमें कोरोना से रिकवर होने के बाद भी काफी गंभीर लक्षण दिखने को मिल रहे हैं।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : January 11, 2021 10:21 AM IST

कोरोना वायरस (Corona Virus) के चलते तो पूरी दुनिया परेशान है ही साथ ही इसके आए दिन बदलते लक्षणों के कारण भी लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि वह इससे कैसे निपटें। हाल ही में हुई एक स्टडी से पता चलता है कि कोरोना वायरस से रिकवर हुए मरीज कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। स्टडी बताती है कि केवल 10.8% लोग ऐसे हैं जिनमें COVID-19 से सही होने के बाद कोई लक्षण नहीं है। जबकि 72% लोग ऐसे हैं जिनमें कोरोना से रिकवर होने के बाद भी काफी गंभीर लक्षण दिखने को मिल रहे हैं। कमजोरी, लंग्स फाइब्रोसिस, किडनी फेलियर, मायोकार्डिटिस और स्ट्रोक जैसे लक्षण कोरोना मरीजों में काफी आम हैं।

डॉक्टर्स कहते हैं कि कोरोना से रिकवर होने के बाद यह वायरस मरीजों के 6 अंगों को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। यदि इस ओर शुरुआत में ही ध्यान दे दिया जाए और बचाव के तरीके अपनाए जाएं तो व्यक्ति गंभीर खतरे से बच सकता है। आइए जानते हैं कोरोना से रिकवर (पोस्ट COVID सिंड्रोम) होने के बाद किन 6 अंगों को प्रभावित कर रहा है ये वायरस-

1. COVID श्वसन प्रणाली

COVID -19 से उबरने वाले मरीजों में श्वसन से संबंधित समस्याएं जैसे कि लगातार थकान, सांस लेने में तकलीफ और गहरी सांस लेने की आवश्यकता जैसी समस्याएं आम हैं। डॉक्टर्स कहते हैं कि इसके पीछे का कारण फेफड़ों के ऊतकों को लंबे समय तक हुआ नुकसान हो सकता है। रोग के दौरान भड़काऊ परिवर्तन के परिणामस्वरूप फेफड़े में बने निशान लंबे समय तक सांस लेने में समस्या पैदा कर सकते हैं।

2. लिवर पर पड़ता है प्रभाव

कोरोना से रिकवर हुए मरीज लिवर से संबंधित समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कोविड-19 के ज्यादातर मरीजों में नुकसान बीमारी से ठीक होने के बाद भी रहा और इसकी वजह साइटोकिन स्‍टार्म, दवाइयों के साइड इफेक्ट्स या निमोनिया के कारण शरीर में ऑक्सीजन का कम लोवल हो सकती है।

3. डाइजेशन भी हो रहा है प्रभावित

कोरोना महामारी का असर कोरोना से रिकवर होने के बाद भी मरीजों के डाइजेशन पर पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को न तो भूख लग रही है और न ही वह सही तरह से खाना खा पा रहे हैं। उल्टी होना, पेट में दर्द, भूख की कमी और डायरिया जैसे लक्षण आम हो रहे हैं। ऐसे में शरीर में पोषक तत्वों और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के चलते परेशानी बढ़ रही है।

4. रक्त वाहिकाओं पर असर

स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और हार्ट से जुड़ी अन्य समस्याएं भी कोविड-19 से ठीक हो चुके मरीजों में देखने को मिल रही हैं। कोरोना से रिकवर हुए मरीजों में मरीजों ने छाती दर्द, थकान, दिल धड़कने की असमान्य गति होने की शिकायत भी कर रहे हैं। कोविड-19 के बाद होने वाले प्रभावों में ब्लड क्लॉट्स बनना भी शामिल है। उसकी वजह से हार्ट अटैक या स्ट्रोक और लिवर, किडनी के नुकसान का खतरा हो सकता है।

5. मस्तिष्क पर भी दिख रहा है बदलाव

हालांकि यह लक्षण आम नहीं है लेकिन बहुत से मरीज ऐसे हैं जिन्हें मस्तिष्क से जुड़ी समस्याएं महसूस हो रही हैं। इनमें याद्दाशत का कमजोर होना, ध्यान लगाने में कमी, कोई काम करने पर दिमाग पर जोर देना, भ्रम की स्थिति और दौरा जैसे लक्षण दिख रहे हैं। इसके अलावा कुछ मरीजों में पार्किंसन और अल्जाइमर भी दिख रहा है।

6. किडनी और पोस्ट कोविड

जो लोग कोरोना से सही होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं या अभी भी एडमिट हैं उन्हें किडनी संबंधी समस्याएं हो रही हैं। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी समस्याएं हैं उन्हें किडनी संबंधी ज्यादा समस्याएं हो रही हैं। कम पेशाब आना या पहले की तुलना में ज्यादा पेशाब आना जैसे लक्षण भी कोविड से रिकवर हुए मरीजों में आम हैं।