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फेफड़ों की इस गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं पोप फ्रांसिस, जानिए कौन हैं ये महान शख्सियत

पोप फ्रांसिस की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। वे लंबे समय से फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। 88 वर्षीय पोप पिछले एक सप्ताह से अस्पातल में भर्ती हैं।

फेफड़ों की इस गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं पोप फ्रांसिस, जानिए कौन हैं ये महान शख्सियत

Written by Anju Rawat |Updated : February 24, 2025 10:13 AM IST

Pope Francis Admitted in Hospital: पोप फ्रांसिस पिछले एक सप्ताह से बीमार हैं। उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। वे पिछले एक सप्ताह से सांस की समस्या से जूझ रहे थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पोप फ्रांसिस रोम के जेमेली अस्पताल में एडमिट हैं। उनके फेफड़ों में वायरल, बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस समय वे फेफड़ों में निमोनिया से जूझ रहे हैं। उन्हें एंटीबायोटिक्स और ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। 88 वर्षीय पोप फ्रांसिस पिछले एक सप्ताह से हॉस्पिटल में एडमिट हैं और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

फेफड़ों में निमोनिया से पीड़ित हैं पोप फ्रांसिस

अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने जांच के बाद उनमें निमोनिया की पुष्टि की है। बताया गया है कि पोप फ्रांसिस के दोनों फेफड़ों में निमोनिया है। साथ ही, वे कई अन्य जटिल श्वसन संक्रमण से भी जूझ रहे हैं। इन सभी बीमारियों के कारण उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इसके लिए उन्हें खास इलाज की जरूरत है। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें अभी कम से कम एक सप्ताह तक और अस्पताल में रखना जरूरी है।

फेफड़ों में निमोनिया के लक्षण

  • सीने में तेज दर्द
  • तेज बुखार
  • लगातार खांसी
  • सांस लेने में तकलीफ
  • मांसपेशियों में दर्द
  • सिरदर्द और थकान
  • ठंड लगना

कौन हैं पोप फ्रांसिस?

पोप फ्रांसिस अर्जेंटीना के रहने वाले हैं। वे 13 मार्च 2013 में रोमन कैथोलिक चर्च के 266वें पोप बने थे। वे अमेरिका महाद्वीप से आने वाले पहले पोप हैं। आपको बता दें कि पोप फ्रांसिस कैथोलिक चर्च के प्रमुख और वेटिकन सिटी के संप्रभु हैं। उनका असली नाम जोर्ज मारियो बेरगोलियो है। पोप फ्रांसिस को उनकी सादगी और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण के लिए जाना जाता है।

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हालांकि, इस समय पोप फ्रांसिस डबल निमोनिया से जूझ रहे हैं। यह एक गंभीर बीमारी है, जिसमें फेफड़ों में सूजन और घाव हो जाता है। इसकी वजह से सांस लेने में कठिनाई होती है।

किन लोगों को रहता है फेफड़ों में निमोनिया का ज्यादा खतरा?

आपको बात दें कि कुछ लोगों को फेफड़ों में निमोनिया का ज्यादा खतरा बना रहता है।

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  • 2 साल से कम उम्र के बच्चों और 65 साल से अधिक उम्र के वयस्कों में फेफड़ों में निमोनिया का खतरा ज्यादा रहता है।
  • जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उनमें भी निमोनिया का जोखिम ज्यादा रहता है।
  • जो लोग धूम्रपान करते हैं, उन लोगों को फेफड़ों में निमोनिया हो सकता है।
  • अस्थमा और हृदय रोगों से पीड़ित लोगों में फेफड़ों में निमोनिया का जोखिम अधिक रहता है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।