मुंह की सही तरीके से सफाई ना करने से बढ़ जाता है कैंसर का खतरा, स्टडी में किया गया दावा

एक नयी स्टडी में कहा गया है कि,  जो लोग ठीक से मुंह की सफाई नहीं करते, उन्हें कैंसर का खतरा होता है। इस स्टडी में लगभग 20 सालों तक कई लोगों की ओरल हेल्थ से जुड़ी आदतों को ध्यान में रखते हुए इसके निष्कर्ष निकाले गए हैं। (Poor Oral Health)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 22, 2020 7:47 PM IST

Poor Oral Health: ओरल हेल्थ में मसूड़ों की सेहत भी शामिल है। स्वस्थ मसूड़ों से दांतों को भी हेल्दी रखा जा सकता है। मुंह की ठीक तरीके से साफ-सफाई ना करने की वजह से मसूड़ों की बीमारियां होने लगती हैं। लेकिन, मुंह की साफ-सफाई में लापरवाही करने से कैंसर भी हो सकता है। जी हां, एक नयी स्टडी में कहा गया है कि,  जो लोग ठीक से मुंह की सफाई नहीं करते, उन्हें कैंसर का खतरा होता है। इस स्टडी में लगभग 20 सालों तक कई लोगों की ओरल हेल्थ से जुड़ी आदतों को ध्यान में रखते हुए इसके निष्कर्ष निकाले गए हैं। (Poor Oral Health)

क्या कमज़ोर मसूड़ों से होता है कैंसर का ख़तरा

इस स्टडी का आयोजन हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट ने किया जिसमें, ​साइंटिस्ट ने एक हजार से अधिक लोगों की ओरल हाइजिन की आदतों पर ध्यान दिया। इस रिसर्च में जो निष्कर्ष निकाले गए उसके मुताबिक कि, जो लोग रोज़ ब्रश नहीं करते या ठीक तरीके से दांतों की सफाई नहीं करते। उन्हें मुंह का कैंसर और स्टमक कैंसर होने का ख़तरा बहुत अधिक होता है।

रिसर्च में हुए कुछ चौंकाने वाले खुलासे

स्टडी में पाया कि कि 52 प्रतिशत लोग रेग्युलर्ली ब्रश नहीं करते हैं। ऐसे लोग यानि जो डेली ब्रश नहीं करते उन लोगों को आगे चलकर मसूड़ों की बीमारियां हो जाती हैं। जिससे, ओइसोफेगल या गैस्ट्रिक कैंसर की समस्या धीरे-धीरे शुरु हो सकती है। रिसर्च में यह भी देखा गया कि, ऐसे लोग जिनके दांत कमज़ोर होकर जल्दी टूटने लगते हैं। ऐसे लोगों में भी कैंसर का ख़तरा काफी अधिक हो जाता है। रिसर्च में हिस्सा ले रहे  ऐसे लोग जिनके दांत वक़्त से पहले गिर गए उन्हें ओ​एसोफेगेल कैंसर का रिस्क 42 प्रतिशत ज़्यादा पाया गया। जबकि, बाकी लोगों को गैस्ट्रिक कैंसर का रिस्क 32 फीसदी अधिक थी।

गौरतलब है कि पूर्व में प्रकाशित स्टडीज़ और रिसर्च में ऐसा कहा गया था कि ज़्यादातर गम्स प्रॉब्लम्स बैक्टेरिया के चलते होती है। जो, आगे चलकर माउथ कैंसर का रिस्क उत्पन्न करता है।  इस स्टडी में बताया गया कि, पिछले 20 वर्षों में लगभग 98,459 महिलाओं को गैस्ट्रिक कैंसर हुआ। जबकि, इसी अवधि में लगभग , 49,685 पुरुषों यह बीमारी हुई।

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