
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : October 30, 2025 3:37 PM IST
AQI in Delhi NCR: हर साल अक्टूबर-नवंबर का अपने साथ जहरीली हवा लेकर आता है। इस वर्ष भी दीवाली के बाद दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। कई इलाकों में तो एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 400 के पार पहुंच चुका है, जो कि खतरे की श्रेणी में आता है। जिस कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी है। हवा में फैली इस जहरीली गैस का सीधा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण के इस स्तर पर हर सांस के साथ शरीर में जहर जा रहा है और सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है फेफड़ों को।
विशेषज्ञों के अनुसार हवा में मौजूद पीएम 2.5 और पीएम 10 कण सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। प्रदूषण का फेफड़ों पर असर बहुत गंभीर हो सकता है क्योंकि ये कण इतने छोटे होते हैं कि सीधे फेफड़ों की झिल्ली में घुस जाते हैं और उसे धीरे-धीरे कमजोर करने लगते हैं। फिर फेफड़ों को नुकसान होने के कारण सांस फूलना, खांसी, आंखों में जलन, गले में खराश जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। लंबे समय तक इस तरह की हवा में रहने से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों का संक्रमण और यहां तक कि हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। बच्चे और बुजुर्ग इसका सबसे आसान शिकार बनते हैं, क्योंकि उनकी रोग-प्रतिरोधक वयस्कों के मुकाबले कमजोर होती है। इसलिए हर किसी को अच्छी क्लाविटी के मास्क जैसे N95 आदि का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
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हर साल की तरह इस बार भी प्रदूषण बढ़ने की एक नहीं कई वजहें सामने आई हैं। हर साल की तरह पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामले लगातार जारी हैं, जिससे हवा में धुआं घुलता जा रहा है। वहीं दिवाली के पटाखों का धुआं, वाहनों का उत्सर्जन और ठंडी हवाओं के कारण वातावरण में प्रदूषण कण फंस गए हैं और हवा मैली सी नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, हवा की गति धीमी होने से प्रदूषक ऊपर नहीं उठ पा रहे, जिसके कारण स्मॉग की मोटी परत दिल्ली-एनसीआर को ढक रही है और लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
सूत्रों के अनुसार स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कई जरूरी कदम उठाए हैं। दिल्ली सरकार ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू किया है। निर्माण कार्यों पर रोक, स्कूलों में छुट्टी या ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था, पानी का छिड़काव और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे उपाय शुरू किए जा रहे हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक वाहन न चलाएं, मास्क पहनें और सुबह की सैर पर न निकलें।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।