Pneumonia in Children: बच्चों के लिए निमोनिया हो सकता है जानलेवा, बच्चों में दिखे ये लक्षण तो डॉक्टर से करें तुरंत सम्पर्क
Pneumonia in Children: बच्चों के लिए निमोनिया हो सकता है जानलेवा, बच्चों में दिखे ये लक्षण तो डॉक्टर से करें तुरंत सम्पर्क
5 साल से छोटे बच्चों में निमोनिया का ख़तरा बहुत अधिक होता है। इस बीच मध्य प्रदेश में अभिभावकों से अपील की गयी है कि वे कोरोना काल और ठंड के मौसम में बच्चों का खास ख्याल रखने की अपील की है। मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह राजधानी भोपाल में भी ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है। बढ़ती ठंड से पांच साल तक के बच्चों को निमोनिया का संक्रमण ( (Pneumonia Infection in Winter) बढ़ सकता है।
Written By:
Sadhna Tiwari
| Updated : January 15, 2021 1:34 PM IST
Pneumonia in Children: निमोनिया के मामले सर्दियों के मौसम में बढ़ जाते हैं। खासकर, 5 साल से छोटे बच्चों में निमोनिया का ख़तरा बहुत अधिक होता है। इस बीच मध्य प्रदेश में अभिभावकों से अपील की गयी है कि वे कोरोना काल और ठंड के मौसम में बच्चों का खास ख्याल रखें। मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह राजधानी भोपाल (Bhopal) में भी ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है। बढ़ती ठंड से पांच साल तक के बच्चों को निमोनिया का संक्रमण (Pneumonia Infection in Winter) बढ़ सकता है।
राज्य सरकार के हेल्थ डिपार्टमेंट ने इससे जुड़ी गाइडलाइंस जारी की हैं और लोगों से कहा है कि बच्चों का खास ख्याल रखें। क्योंकि, निमोनिया उनके लिए जानलेवा हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ठंड के मददेनजर नवजात और 5 वर्ष तक के बच्चों में निमोनिया के संक्रमण से बचाव के लिए सावधानियों को अपनाना बेहद आवश्यक है। इस संबंध में भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रभाकर तिवारी ने एडवाईजरी जारी कर कहा कि निमोनिया जानलेवा हो सकता है। निमोनिया के उपचार में देरी बच्चे के लिये खतरनाक हो सकती है। (Pneumonia in Children)
बच्चों में निमोनिया के लक्षण (Symptoms of Pneumonia):
बुखार
खांसी
आसामान्य और तेज़ गति से सांसें चलना
पसली चलना
पसलियां अंदर की तरफ धंस जाना
बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए करें ये उपाय (Pneumonia Symptoms and Prevention):
स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि अगर बच्चों में निमोनिया केलक्षण दिखाई दें, तो उन्हें निमोनिया से उपचार के लिए तुरंत डॉक्टर या निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में ले जाएं।
देशभर में शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा शिशुओं को निमोनिया से बचाव में बेहद कारगर वैक्सीन पीसीवी (PVC) भी नि:शुल्क उपलब्ध है। अपने शिशुओं को डेढ़, साढ़े तीन और नौ माह में निमोनिया से बचाव हेतु पीसीवी वैक्सीन की पूर्ण डोज नि:शुल्क अवश्य लगवाएं।
बच्चों को ठंड से बचाने के लिए अभिभावकों से आग्रह किया है कि बच्चों को दो-तीन परतों में गर्म कपड़े पहनाएं। बच्चों को स्वेटर और जैकेट पहनाएं।
टोपी, मोजे पहनने से बच्चों को ठंडी हवा से सुरक्षित रखने में मदद होगी। खासकर, छोटे शिशुओं के कान को ढंके, पैरों को ठंड से बचाने के लिए मोजे पहनाएं। ऐसे बच्चे जो चलने और भागने की उम्र तक पहुंच चुके हैं उन्हें मोजे और जूते पहनाएं ।
बच्चों को पानी से भीगने से भी बचाएं। उन्हें, स्नान के अलावा पानी के साथ खेलने या भीगने से बचाएं।
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