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Written By: Editorial Team | Updated : March 13, 2018 9:04 AM IST
SimpliciTB a pivotal clinical study to evaluate the efficacy of 4 drug regimen for patients with drug-sensitive (DS) and (MDR) pulmonary TB. © Shutterstock
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल नई दिल्ली के विज्ञान भवन में टीबी उन्मूलन शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। सम्मेलन का आयोजन संयुक्त रूप से स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय (एसईएआरओ) तथा स्टॉप टीबी पार्टनरशिप द्वारा किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर टीबी (तपेदिक) मुक्त भारत अभियान लांच करेंगे। टीबी मुक्त भारत अभियान टीबी उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय रणनीतिक योजना (एनएसपी) की गतिविधियों को मिशन मोड में आगे बढ़ाएगा। तपेदिक रोग के उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय रणनीतिक योजना को अगले तीन वर्षों के लिए 12 हजार करोड़ रुपये दिया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक मरीज को गुणवत्ता संपन्न रोग निदान, उपचार और समर्थन मिल सके। नई राष्ट्रीय रणनीतिक योजना ने विविध दृष्टिकोण अपनाया है, जिसका उद्देश्य टीबी के सभी रोगियों का पता करना है और योजना का बल टीबी के उन रोगियों तक पहुंचना है जो निजी क्षेत्र की चिकित्सा सुविधा ले रहे हैं तथा उच्च जोखिम वाली आबादी में टीबी का पता नहीं चला है।
प्रधानमंत्री के 2025 तक टीबी समाप्त करने के विजन ने एसडीजी के पांच वर्ष पहले संशोधित राष्ट्रीय तपेदिक कार्यक्रम के प्रयासों को तेज कर दिया है। 1997 में शुरू हुए इस कार्यक्रम के अंतर्गत दो करोड़ से अधिक टीबी रोगियों का इलाज किया गया है।
चित्र: IANS Hindi.
स्रोतचित्र: press release.
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