PM मोदी ने कहा, E-संजीवनी हेल्थ एप है मरीजों के लिए वरदान, इस तरह 10 करोड़ लोगों को मिला समय पर सही इलाज

प्रधानमंत्री ने कहा कि, ई-संजीवनी हेल्थ एप की मदद से आम लोगों, देश के मध्यम वर्ग और गांव-देहातों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं और यह एप उनके लिए जीवन रक्षक की तरह काम कर रहा है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 26, 2023 4:31 PM IST

PM Narendra Modi On E-Sanjivani Health App: हेल्थ सेक्टर में ऑनलाइन कंसल्टेशन और टेलीमेडिसिन (Telemedicine) के महत्व के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को 'मन की बात' की। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात (Mann Ki Baat) कार्यक्रम के 98वें एपिसोड में रविवार को कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। बता दें कि नये साल 2023 में यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया है। (PM Narendra Modi On E-Sanjivani Health App In Hindi)

ई-संजीवनी बना देश के आम लोगों के लिए जीवन रक्षक

मन की बात कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ([PM Narendra Modi on E sanivani) ने कहा कि मेडिकल सुविधाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने वाले हेल्थ एप ई-संजीवनी की सफलता और लोगों तक इसकी पहुंच से भारत की डिजिटल क्रांति की शक्ति का पता चलता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि, अब तक देश के 10 करोड़ से ज्यादा लोगों तक ई-संजीवनी एप्प से हेल्थ सुविधाएं पहुंच चुकी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि, ई-संजीवनी हेल्थ एप की मदद से आम लोगों, देश के मध्यम वर्ग और गांव-देहातों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं और यह एप उनके लिए जीवन रक्षक की तरह काम कर रहा है। ( Benefits of using E-sanjivani health app)

इलाज के लिए टेलीकंसल्टेशन बना नया मेथड

पीएम मोदी ने कहा कि, ई-संजीवनी हेल्थ एप भारत की डिजिटल क्रांति की शक्ति का प्रतीक है और अब तक 10 करोड़ से अधिक लोगों ने इस एप पर टेलीकंसल्टेशन की मदद से अपनी बीमारी का इलाज कराने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में टेलीकंसल्टेंशन एक महत्वपूर्म और बड़ी उपलब्धि है। इसे एक उदाहरण की तरह देखा जा सकता है कि, भारत के लोग अपनी ज़िंदगी में टेक्निक को किस तरह जोड़ रहे हैं

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि,कोरोना महामारी के दौरान बहुत से लोगों ने ई-संजीवनी एप के माध्यम से डॉक्टरों से सम्पर्क किया। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरन यह एप लोगों के लिए एक वरदान साबित हुआ क्योंकि, इसके जरिए लोगों को डॉक्टरी मदद और सुविधा मिली सकी।

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