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कोरोना वायरस महामारी (Covid-19 Pandemic) को जड़ से खत्म करने के लिए कोविड टीकाकरण (Covid Vaccination) की प्रक्रिया आज प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) के संबोधन के बाद देश के 3000 केंद्रों पर शुरू हो गई है। टीकाकरण का शुभारंभ मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया, जिसके साथ ही देशभर में वैक्सीनेशन का काम शुरू हो गया है। देश में सर्वे भवन्तु सुखिन: के नारे के साथ कोरोना वैक्सीन कार्यक्रम की शुरुआत हुई। आज देश भर में 3 लाख लोगों को कोरोना की वैक्सीन दी जाएगी।
पीएम मोदी ने वैक्सीनेशन कार्यक्रम को शुरू करते हुए कहा कि देश के लोगों को आज के दिन का बेसब्री से इंतजार था। मोदी ने बताया कि वैक्सीन बनाने वालों वैज्ञानिकों ने कड़ी मेहनत की है, जिसके लिए न तो उन्होंने त्योहार की चिंता की और न घर पर छुट्टी मनाने के लिए गए। पीएम मोदी ने राष्ट्रकवि दिनकर की कविता का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे ही दिन के लिए मानव जब जोर लगाता है तो पत्थर पानी बन जाता है।
उन्होंने कहा कि जो वैज्ञानिक और वैक्सीन रिसर्च से जुड़े लोग बीते कई महीनों से कोरोना के खिलाफ वैक्सीन बनाने में जुटे थे वे विशेष रूप से प्रशंसा के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर एक वैक्सीन बनाने में बरसों लग जाते हैं लेकिन हमारे देश के वैज्ञानिकों ने रिकॉर्ड टाइम में इस वैक्सीन को बनाया है।
मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मैं फिर से याद दिलाना चाहता हूं कि सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन की 2 डोज लेनी बहुत ही आवश्यक है। उन्होंने लोगों से वैक्सीन की दो डोज जरूर लगवाने की अपील की है। कोई भी व्यक्ति एक डोज लगवाने के बाद दूसरी डोज लेना भूल न जाएं।
Watch Now!
Hon'ble PM Sh @narendramodi Ji launches via VC, #COVID19Vaccination drive in India, the world's #LargestVaccineDrive@PMOIndia@MoHFW_INDIA — DrHarshVardhanOffice (@DrHVoffice) January 16, 2021
पीएम ने बताया कि पहली और दूसरी डोज के बीच करीब एक महीने का अंतर रखा जाएगा। मोदी ने कहा कि इस बात को ध्यान रखना जरूरी कि दूसरी डोज लगने के 2 हफ्ते बाद ही आपके शरीर में कोरोना के खिलाफ इम्यूनिटी विकसित हो पाएगी।
मोदी ने कहा कि जैसा धैर्य सभी लोगों ने कोरोना काल में दिखाया था, वैसा ही धैर्य वैक्सीनेशन के समय भी दिखाने की जरूरत है। पीएम ने कहा कि टीकाकरण के बाद भी शारीरिक दूरी और मास्क लोगों के लिए जरूरी होगा।
मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इतिहास में ऐसा और इतने बड़े स्तर का वैक्सीनेशन कार्यक्रम पहले कभी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि दुनिया में 100 से भी ज्यादा ऐसे देश हैं जहां की आबादी 3 करोड़ से कम है जबकि भारत में वैक्सीनेशन के पहले चरण में 3 करोड़ लोगों को ही लगाया जा रहा है।
बात करें दूसरे चरण की तो करीब 30 करोड़ लोगों की वैक्सीन लगाई जाएगी। इन लोगों को लगेंगे टीके जो बुजुर्ग हैं, जो गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। मोदी ने कहा कि आप इस कार्यक्रम से कल्पना कर सकते हैं कि कैसे भारत ने ये काम किया है। उन्होंने कहा कि 30 करोड़ की आबादी से ऊपर के दुनिया के सिर्फ तीन ही देश हैं भारत, चीन और अमेरिका।
PM श्री @narendramodi जी का जादू आज अगर दुनियाभर में सर चढ़कर बोल रहा है, तो उसके पीछे है उनका असाधारण व्यक्तित्व।
कोरोना के कारण इस दुनिया को छोड़ने वाले लोगों को याद करते हुए मोदी जी का भावुक हो उठना,दर्शाता है कि उनके दिल में अपनों के लिए कितना प्रेम है। #LargestVaccineDrivepic.twitter.com/AVD63XR23O — Dr Harsh Vardhan (@drharshvardhan) January 16, 2021
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन में भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कई साथी बीमार होकर भी अस्पताल गए लेकिन लौटे नहीं।
पीएम ने कहा कि संकट के समय में निराशा के उस दौर में कई लोग आशा का संचार कर रहा था, हमें बचाने के लिए अपने प्राणों को संकट में डाल रहा थे। ये लोग और कई नहीं बल्कि हमारे डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस ड्राइवर, आशा वर्कर, सफाई कर्मचारी, पुलिस और दूसरे फ्रंटलाइन वर्कर्स थे।
उन्होंने कहा कि हमारे कई साथी कोरोना से ग्रस्त होकर अस्पताल गए लेकिन लौटे ही नहीं। ऐसे सभी साथियों को हम सादरांजलि अर्पित करते हैं।
मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कोरोना नाम की इस घातक बीमारी ने लोगों को अपने घर से ही दूर रखने का काम किया। बहुत सी माताएं अपने बच्चों के लिए रो रही थीं, लेकिन वो अपने बच्चों के पास नहीं जा सकती थीं।
उन्होंने कहा कि बहुत से लोग अस्पताल में भर्ती अपने घर के लोगों, बुजुर्गों से मिल नहीं पाए। उन्होंने कहा कि हमारे कई साथी जो इस बीमारी की चपेट में आए, हमसे दूर चले गए और हम में बहुत से लोग उनका अंतिम संस्कार भी नहीं कर सके।
दिल्ली के एम्स में कोरोना का पहली वैक्सीन लग चुकी है। जी हां, एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया को कोरोना वैक्सीन लगाई गई है। डॉ. गुलेरिया देश के शीर्ष चिकित्सा विशेषज्ञ। डॉ. गुलेरिया ने ये वैक्सीन लेकर सभी प्रकार की अवफाहों को को निराधार साबित कर दिया है।
केंद्र सरकार के मुताबिक, वैक्सीनेशन के पहले दिन लगभग 300000 हेल्थ वर्कर्स को कोरोनावायरस वैक्सीन की डोज लगाई जाएगी। जिसे दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम माना जा रहा है। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और सभी राज्यों की स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मिलकर तैयारी पूरी कर ली है।
गौरतलब है कि, वैक्सीनेशन प्रोग्राम की शुरुआत के साथ प्रधानमंत्री मोदी एक मोबाइल एप्लीकेशन 'को-विन' को भी जनता को समर्पित कर सकते हैं, इस एप्लीकेशन के माध्यम से लोग वैक्सीन के लिए अपना नाम रजिस्टर करा सकेंगे। सूत्रों के मुताबिक, वैक्सीनेशन कार्यक्रम के दौरान टीका लगवाने वाले हेल्थ वर्कर्स से प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रूबरू भी होंगे!