Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
- वेब स्टोरीज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनावायरस का टीका बनाने वाली निर्माता कंपनियों के मालिकों व प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की। इस दौरान बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और सिरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के प्रमुख अदार पूनावाला भी मौजूद रहे। देश में कोरोना के खिलाफ जारी जंग के बीच हुई पीएम मोदी की इस बैठक को बहुत ही अहम मानी जा रही है। खास बात यह है कि यह मीटिंग 100 करोड़ कोरोना वैक्सीनेशन डोज का आंकड़ा पार करने के बाद हो रही है। सूत्रों की माने तो इस बैठक का सकारात्मक परिणाम आने वाले दिनों में देख सकता है।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविशील्ड वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला के साथ वैक्सीन पर चर्चा की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने वैक्सीन को लेकर चल रहे शोध पर भी जानकारी ली। बैठक में जिन 7 वैक्सीन निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे उनमें सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के अलावा भारत बायोटेक, डॉ रेड्डीज लैबोरेट्रीज, जायडस कैडिला, बायो लॉजिकल E, जेन्नोवा बायोफार्मा और पैनेसिया बायोटेक के प्रतिनिधि मौजूद थे।
पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'भारत के #VaccineCentury ने व्यापक प्रशंसा प्राप्त की है। हमारे गतिशील वैक्सीन निर्माताओं के प्रयासों के बिना हमारा टीकाकरण अभियान सफल नहीं होगा, जिनसे मुझे आज मिलने का अवसर मिला। हमारे बीच बेहतरीन बातचीत हुई।'
उन्होंने कहा, 'वैक्सीन निर्माताओं के साथ बातचीत के दौरान, वैक्सीन को रोल आउट करते समय और आने वाले समय के लिए विशेष रूप से भारत के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए हमारी प्रक्रियाओं के उचित संस्थागतकरण की आवश्यकता पर जोर दिया।'
India’s #VaccineCentury has drawn widespread acclaim. Our vaccination drive wouldn’t be successful without the efforts of our dynamic vaccine manufacturers, who I had the opportunity to meet today. We had an excellent interaction. https://t.co/IqFqwMP1wwpic.twitter.com/WX1XE8AKlG
— Narendra Modi (@narendramodi) October 23, 2021
बैठक के बाद जायडस कैडिला के प्रतिनिधि पंकज पटेल ने कहा कि, देश के वैज्ञानिकों ने टीके विकसित किए, उसके लिए सबसे बड़े कारक प्रधानमंत्री थे। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने शुरू से हमें प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि आप करो, सरकार आपके साथ है. आपको जहां भी असुविधा होगी, सरकार आपको सहयोग करेगी। इसी वजह से हम टीके विकसित कर पाए.’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत में इनोवेशन का जो नया अध्याय शुरू हुआ है, वह बहुत तेजी से बढ़ेगा और भारत एक इनोवेटिव राष्ट्र के रूप में उभरेगा।
सीरम इंस्टीट्यूट के अदार पूनावाला ने कहा कि उनके मन में इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं है कि प्रधानमंत्री ने अगर स्वास्थ्य मंत्रालय का नेतृत्व ना किया होता तो आज भारत टीकों की एक सौ करोड़ खुराक नहीं उपलब्ध करा पाता। उन्होंने कहा, ‘‘जब वह पिछले साल नवंबर में पुणे आए थे तो मैंने उन्हें आश्वस्त किया था कि टीकों के मामले में हम भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे और दुनिया का सबसे सस्ता टीका विकसित करेंगे। आज वह बहुत खुश थे कि उस आश्वासन को हमने पूरा किया है।’’