पीएम मोदी ने की है सिंगल यूज प्‍लास्टिक पर प्रतिबंध की मांग, जानिए सेहत के लिए कितना हानिकारक है ये

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मथुरा में स्वच्छता ही सेवा अभियान की शुरूआत करते हुए देश भर से सिंगल यूज प्‍लास्टिक के इस्‍तेमाल पर रोक की मांग की है। यह सेहत के लिए इतना ज्‍यादा खतरनाक है कि इससे कैंसर होने का भी जोखिम रहता है।

WrittenBy

Written By: Yogita Yadav | Updated : September 11, 2019 1:42 PM IST

पीएम मोदी ने देश से सिंगल यूज प्‍लास्टिक (Single use plastic hazards) का इस्‍तेमाल बंद कर देने की अपील की है।  दुनिया भर में प्‍लास्टिक का प्रदूषण एक बड़ी चिंता बन चुका है। इससे जल निधियां तो प्रभावित हो ही रहीं हैं, मनुष्‍यों की सेहत पर भी गंभीर खतरे मंडरा रहे हैं। जल, जमीन और खाद्य पदार्थों में शामिल होकर ये मनुष्‍यों की सेहत के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रहा है। आइए जानते हैं क्‍या है सिंगल यूज प्‍लास्टिक (Single use plastic hazards) और क्‍या हैं इसे इस्‍तेमाल करने के जोखिम।

क्‍या है सिंगल यूज प्‍लास्टिक

सिंगल यूज प्‍लास्टिक वह प्‍लास्टिक के उत्‍पाद हैं जिनका हम केलव एक बार उपयोग करते हैं और उसके बाद उसे फेंक देते हैं। पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने में प्लास्टिक की भूमिका सबसे ज्यादा है। इसके अतिरिक्त मानव तथा मवेशियों के स्वास्थ्य के लिए भी ये बहुत खतरनाक साबित हो रहा है। इसे डिस्पोजेबल प्‍लास्टिक भी कहा जा सकता है। इसमें प्लास्टिक बैग, कप, प्लेट्स, छोटे बोतल और प्लास्टिक से बने दूसरे सामान शामिल हैं। प्‍लास्टिक स्‍ट्रॉ, अन्‍य डिस्‍पोजेबल सामान भी इसमें शामिल हैं।

क्‍या कहा पीएम मोदी ने

नदियों, झील और तालाब में रहने वाले प्राणियों का प्लास्टिक को निगलने के बाद जिंदा बचना मुश्किल हो जाता है। सिंगल यूज प्लास्टिक से छुटकारा पाना ही होगा। हमें यह कोशिश करनी है कि इस वर्ष 2 अक्टूबर तक अपने घर, दफ्तर, कार्यक्षेत्र को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करें। सिंगल यूज प्लास्टिक यानी ऐसा प्लास्टिक जिसे एक बार इस्तेमाल करने के बाद फेंक दिया जाता है।

रीसाइक्लिंग भी नहीं है समाधान

हालांकि, इसकी रीसाइक्लिंग (recycling) की जा सकती है, पर केवल 7.5 फीसदी प्‍लास्टिक की ही रीसाइक्लिंग हो पाती है। शेष जमीन और पानी में मिलकर हानिकारक प्रदूषण का हिस्‍सा बन जाता है।

single-use-plastic-harmful केवल 7.5 फीसदी प्‍लास्टिक की ही रीसाइक्लिंग हो पाती है। शेष जमीन और पानी में मिलकर हानिकारक प्रदूषण का हिस्‍सा बन जाता है। © Shutterstock.

सेहत के लिए खतरनाक है प्‍लास्टिक (Single use plastic hazards)

  • विशेषज्ञों की मानें तो प्लास्टिक के गिलास में चाय पीने से कैंसर का भी जोखिम रहता है।
  • प्लास्टिक के डिस्पोजेबल कप के उपरी भाग में मोम की परत होती है, जो गरम चीजों के डालने पर पिघलने लगती है और खाद्य एवं पेय पदार्थों साथ हमारे शरीर में चली जाती है एवं हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाती है ।
  • इसके अलावा प्लास्टिक के बैग में रखे हुए चिप्स भी हमारे शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं l
  • प्लास्टिक धूप और गर्मी से पिघलने लगती है, जिसके कारण जिन पदार्थों को मिलाकर उसका निर्माण किया जाता है, वह जहरीला पदार्थ भी पिघलने लगता है ।
  • ये जहरीले पदार्थ खाने के साथ हमारे शरीर में पहुंच जाते हैं और कैंसर, लीवर का खराब होना, किडनी में पथरी आदि जानलेवा बीमारियों को जन्म देते हैं l

क्यों है खतरनाक (Single use plastic hazards)

जब प्लास्टिक गरम हो जाता है तो यह बीपीए (बिस्फेनॉल-ए) (BPA (Bisphenol A) नामक रसायनिक पदार्थ मुक्त करता है जो अंतःस्रावी विघटनकारी होता है और हमारे प्रजनन तंत्र, हॉर्मोन पर प्रतिकूल प्रभाव डालता हैl बिस्फेनॉल-ए (बीपीए) नामक रसायनिक पदार्थ की मदद से प्लास्टिक को कड़ा और सख्त बनाया जाता है और पेथेलेट (Phthalate) नामक रसायनिक पदार्थ की मदद से प्लास्टिक को नरम और लचीला बनाया जाता है l ये दोनों ही रसायन मनुष्‍यों में प्रजनन क्षमता को नुकसान पहुंचाते हैं और इनसे कैंसर का जोखिम 90 फीसदी तक बढ़ जाता है।

कई देशों में है प्रतिबंधित

यूरोप ने साल 2005 में ही प्लास्टिक से बने समान के उपयोग पर बैन लगा दिया था, जबकि जापान समेत अन्य 9 देशों ने भी बाद में इस पर पाबंदी लगा दी है l

फिलीपींस में स्वाइन फ्लू के पहले मामले की पुष्टि, जानें इसके लक्षण और उपचार

स्‍वाद ही नहीं, सेहत भी बढ़ाता है बेकिंग सोडा, जानें इसके लाभ

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source