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'हर घर दस्तक' टीकाकरण अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा जिलाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि, अब हर उस घर में दस्तक दी जाएगी जहां अब तक कोविड-19 वैक्सीन की दोनों डोज नहीं लगी है। अब हर घर टीका घर घर टीका इस जज्बे के साथ हम सब को घर-घर पहुंचना है।
बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 दिन के अपने विदेश दौरे से लौटने के तुरंत बाद दोबारा देश के कामों में जुट गए। पीएम मोदी ने हर घर दस्तक कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत बुधवार को देश के उन जिलाधिकारियों को संबोधित किया जिनके जिलों में कोरोना टीकाकरण खिलाफ रफ्तार बहुत कम है। इन जिलों में वैक्सीनेशन की दर को बढ़ाने के लिए ही 'हर घर दस्तक' अभियान की शुरुआत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने की है। जिसको लेकर पीएम ने जिलाधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।
कोरोना से देश की लड़ाई में हमने नए-नए समाधान खोजे, इनोवेटिव तरीके आजमाए। आपको भी अपने जिलों में वैक्सीनेशन बढ़ाने के लिए नए इनोवेटिव तरीकों पर और ज्यादा काम करना होगा: पीएम @narendramodi#HarGharDastakpic.twitter.com/03KQBnmwpl
— MyGovIndia (@mygovindia) November 3, 2021
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि, 100 साल की इस सबसे बड़ी महामारी में देश ने अनेक चुनौतियों का सामना किया है कोरोनावायरस की लड़ाई में एक खास बात यह रही कि हमने नए-नए समाधान खोजे, इनोवेटिव तरीके आजमाए। उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि आपको भी अपने जिलों में वैक्सीनेशन बढ़ाने के लिए नए इनोवेटिक तरीकों पर और ज्यादा काम करना होगा।
पीएम ने कहा कि, अपने जिलों में एक-एक गांव, एक-एक कस्बे के लिए अगर अलग-अलग रणनीति बनानी हो तो वह भी बनाइए; आप क्षेत्र के हिसाब से 20-25 लोगों की टीम बनाकर भी ऐसा कर सकते हैं ड्यूटी में आपने बनाई हो उनमें एक हेल्थी कंपटीशन हो, इसका भी प्रयास कर सकते हैं।
पीएम मोदी ने कहा, एक चुनौती अफवाह और लोगों में भ्रम की स्थिति भी है। अभी बातचीत के दौरान भी इसका जिक्र किया गया है। इसका एक बड़ा समाधान है कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक किया जाए। आप इसमें स्थानीय धर्मगुरुओं की भी मदद और ज्यादा ले सकते हैं
पीएम ने कहा, 'अभी कुछ दिन पहले मेरी वेटिकन में पोप फ्रांसिस जी से भी मुलाकात हुई थी। वैक्सीन पर धर्मगुरुओं के संदेश को भी हमें जनता तक पहुंचाने पर विशेष जोर देना होगा'
हर घर पर दस्तक देते समय, पहली डोज़ के साथ-साथ आप सभी को दूसरी डोज़ पर भी उतना ही ध्यान देना होगा। क्योंकि जब भी संक्रमण के केस कम होने लगते हैं, तो कई बार Urgency वाली भावना कम हो जाती है। लोगों को लगने लगता है कि, इतनी भी क्या जल्दी है, लगा लेंगे।