
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 14, 2024 2:46 PM IST
Pre-term birth causes: बच्चे का जन्म अगर समय से पहले (9 महीने पूरे होने से पहले) हो तो यह उसके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं। क्योंकि समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चे या प्री-टर्म बेबीज को भविष्य में स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। दुनियाभर में प्री-टर्म डिलिवरीज के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। गौरतलब है प्रेगनेंसी के 9 महीनों की अवधि में बच्चे का विकास होता है। लेकिन अगर समय से पहले बच्चे का जन्म हो तो इससे बच्चों का विकास अधूरा रह जाता है। इसीलिए, प्रीटर्म या प्री-मैच्योर बच्चों की हेल्थ का बहुत ध्यान रखना पड़ता है।
कुछ बीमारियों और मेडिकल कारणों से कुछ गर्भवती महिलाओं के बच्चे का जन्म समय से पहले हो सकता है। इसी तरह अगर प्रेगनेंट महिला की उम्र अधिक हो तो इससे भी प्री-टर्म बर्थ का खतरा बढ़ जाता है।
समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों में जन्म के समय जान का खतरा अधिक होता है। वहीं, इन बच्चों में लो बर्थ वेट, अंगों का अधूरा विकास, ठीक से दिखायी ना देने और सांस लेने से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
एक नयी स्टडी में खुलासा हुआ है कि फेथलेट्स नामक एक सिंथेटिक केमिकल प्री-टर्म बर्थ का खतरा बढ़ा सकता है। यह केमिकल प्लास्टिक को पिघलाने और नरम बनाने के लिए उसमें मिलाया जाता है। यह प्लास्टिक के हर सामान में मौजूद होता है और प्लास्टिक के बर्तनों, डिब्बों और यहां तक कि खाने-पीने की चीजों की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक में भी पाया जाता है।
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा की गयी स्टडी में पाया गया कि फेथलेट्स हार्मोन्स के लिए अवरोधक की तरह काम करता है और यह केमिकल प्लेसेंटा के कामकाज में भी अड़चन डालता है। इससे सूजन बढ़ सकती है। बता दें कि गर्भ में पल रहे भ्रूण को ऑक्सीजन और पोषक तत्व प्लेसेंटा के माध्यम से ही प्राप्त होते हैं। इस स्टडी के परिणाम लैंसेट स्टडी में प्रकाशित किए गए।
फेथलेट्स केमिकल वाले प्लास्टिक से खाना पैक करने के डिब्बे, फूड रैपर, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स के पैकेट और बच्चों के खिलौने भी बनाए जाते हैं। इस केमिकल की वजह से शरीर में हार्मोन्स के स्तर में असंतुलन आ सकता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार समयपूर्व प्रसव या प्री-टर्म बर्थ और फूड पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले डाइ-2-एथिलहैक्सिल फेथलेट्स (DEHP) केमिकल में संबंध देखा गया है। इस स्टडी के प्रमुख लेखक और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के पर्यावरण बाल चिकित्सा विभाग के निदेशक डॉ. लियोनार्डो ट्रैसांडे ने बताया कि, साल 2018 में प्रीटर्म जन्म के कुल मामलों में से 5 से 10 प्रतिशत मामलों में (कुल लगभग 57000 प्री टर्म बर्थ मामले) के लिए डीईएचपी और उससे मिलते-जुलते 3 केमिकल्स को जिम्मेदार पाया गया।