अब प्लांट बेस्ड एंटी-वायरल दवा से कंट्रोल होगा कोरोना वायरस, जानें किन वेरिएंट में कारगर है ये दवा

शोधकर्ताओं ने एक प्लांट बेस्ड एंटीवायरल उपचार का तरीका ढूंढ निकाला है, जो कोरोनावायरस के सभी स्ट्रेन यहां तक की अत्यधिक संक्रामक डेल्टा वेरिएंट को भी रोकने में प्रभावी बताया गया है।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : November 21, 2021 7:41 PM IST

यूं तो कोरोनावायरस को फैलने से रोकने में वैक्सीनेशन बहुत ज्यादा प्रभावी हैं लेकिन हाल ही में शोधकर्ताओं ने इस वायरस को रोकने में एक नया तरीका ढूंढ निकाला है। शोधकर्ताओं ने एक प्लांट बेस्ड एंटीवायरल उपचार का तरीका ढूंढ निकाला है, जो कोरोनावायरस के सभी स्ट्रेन यहां तक की अत्यधिक संक्रामक डेल्टा वेरिएंट को भी रोकने में प्रभावी बताया गया है।

यूके में नॉटिंघम विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि डेल्टा वेरिएंट, दूसरे सभी स्ट्रेन की तुलना में कोशिकाओं के भीतर पहुंचकर पास की कोशिकाओं को संक्रमित करने का काम करता है।

दो और वेरिएंट के खतरे को बढ़ाता है डेल्टा

शोधकर्ताओं के मुताबिक, सार्स-सीओवी-2 वेरिएंट के दो अलग-अलग वेरिएंट में डेल्टा वेरिएंट अपने दूसरे वेरिएंट को भी बढ़ाता है। अध्ययन से यह भी पता चला है कि हाल ही में वैज्ञानिकों के एक ही समूह ने सार्स-सीओवी-2 सहित अन्य वायरस को फैलने से रोकने के लिए एक नई प्राकृतिक एंटीवायरल दवा, जिसे थापसीगारगिन (टीजी) कहते हैं खोज निकाली है। ये दवा सभी नए सार्स-सीओवी-2 के इलाज में उतना ही प्रभावी है, जिसमें डेल्टा वेरिएंट भी शामिल है।

बीते कुछ अध्ययनों में शोधकर्ताओं ने ये भी पता लगाया है कि प्लांट से प्राप्त एंटीवायरल दवा सार्स-सीओवी-2 सहित तीन प्रमुख प्रकार के मानव श्वसन वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी को बूस्ट करने में सक्षम हैं।

शोधकर्ता पता लगाने में जुटे

जर्नल विरुलेंस में प्रकाशित हालिया अध्ययन में टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की आखिर सार्स-सीओवी-2 के अल्फा, बीटा और डेल्टा वेरिएंट कोशिकाओं में किस प्रकार और कितनी सक्षमता के साथ फैलने में प्रभावी हैं। ये वेरिएंट कोशिकाओं को एक ही समय में दो प्रकार से संक्रमित करते हैं।

शोधकर्ताओं ने ये भी पता लगाने की कोशिश की आखिर टीजी इन उभरते हुए रूपों को रोकने में कितना प्रभावी है।

24 घंटे में बनाता है शिकार

तीनों में से डेल्टा वेरिएंट कोशिकाओं को अधिक संक्रमित करने में सफल रहा और यह सीधे एक कोशिकाओं के आस-पास की कोशिकाओं में फैलने में सक्षम था। डेल्टा वेरिएंट 24 घंटे के भीतर अल्फा वेरिएंट की तुलना में चार गुना और बीटा वेरिएंट से नौ गुना ज्यादा फैलता है।

शोधकर्ताओं द्वारा खोजी गई ये दवा सक्रिय रूप से संक्रमित व्यक्ति में संक्रमण के दौरान सभी वेरिएंट को रोकने में प्रभावी थी।

क्या कहते हैं शोधकर्ता

नार्टिंघम विश्वविद्यालय में पशु चिकित्सा और विज्ञान के स्कूल में मुख्य लेखक प्रोफेसर किन चाउ चांग का कहना है कि हमारे नए अध्ययन ने हमें डेल्टा वेरिएंट के बारे में बेहतर तरीके से जानने की दिशा प्रदान की है। भले ही हमने दिखाया है कि यह वेरिएंट स्पष्ट रूप से सबसे संक्रामक है और दूसरे वेरिएंट को भी बढ़ावा देता है। हालांकि हमें खुशी हो रही है कि टीजी उन सभी के खिलाफ उतना ही प्रभावी है।

चांग ने कहा, "एक साथ ये परिणाम टीजी की एंटीवायरल क्षमता को पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्टिक और एक सक्रिय चिकित्सीय एजेंट के रूप में इंगित करते हैं।"

(सोर्स--आईएएनएस)

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