फाइजर की दूसरी डोज लेने के बाद 6 महीने तक सुरक्षित रहते हैं आप! स्टडी में दावा 80 फीसदी सेफ्टी रहती है बरकरार

फाइजर और एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की दो डोज आपको गंभीर रूप से कोविड होने से बचा सकती है। बता दें कि दूसरी डोज लेने के बाद आपको कोविड से 6 महीने तक सुरक्षा मिलती है।

WrittenBy

Written By: Jitendra Gupta | Published : July 22, 2022 10:39 AM IST

अगर आप सोच रहे हैं कि कोरोना तो खत्म होने ही वाला है तो वैक्सीन लगवाकर क्या होगा। अगर आप भी यही सोचते हैं तो आप इस वायरस से शरीर को होने वाले नुकसान के बारे में सही तरीके से नहीं जानते हैं। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि वैक्सीन कितने दिनों तक आपको सुरक्षा प्रदान कर सकती है इसी चक्कर में वो वैक्सीन लगवाने से हिचकते हैं। The BMJ में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, फाइजर और एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की दो डोज आपको गंभीर रूप से कोविड होने से बचा सकती है। बता दें कि दूसरी डोज लेने के बाद आपको कोविड से 6 महीने तक सुरक्षा मिलती है।

ब्रिटेन की ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की एक टीम ने 70 लाख से ज्यादा लोगों के हेल्थ रिकॉर्ड के नेशनल हेल्थ सर्विस का विश्लेषण किया। अध्ययन में 65 साल से ऊपर के लोगों और संवेदशनशील लोगों के लिए वैक्सीन से मिलने वाली सुरक्षा का पता लगाना था।

शोधकर्ताओं ने ये भी पता लगाने की कोशिश की कोविड इंफेक्शनसे पहले लोगों में वैक्सीन की प्रभाविकता कितनी तेजी से धीमी होनी शुरू हो जाती है। ये अध्ययन फाइजर और एस्ट्राजेनेका कोविड वैक्सीन लगवाने वाले लोगों के साथ-साथ वैक्सीन नहीं लगवाने वाले लोगों पर किया था।

शोधकर्ताओं ने फाइजर वैक्सीन लगवाने वाले 19.5 लाख और एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लगवाने वाले 32 लाख लोगों के रिकॉर्ड का प्रयोग किया। इसके साथ ही करीब 24 लाख लोग, जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई उनके रिकार्ड की भी जांच की।

शोधकर्ताओं ने पाया कि कोविड संक्रमित लोगों के अस्पताल में भर्ती होने और मौत का खतरा वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद छह महीने तक कम पाया गया, खासकर उन लोगों के मुकाबले जिनहोंने वैक्सीन नहीं लगवाई थी।

शोधकर्ताओं का कहना है कि कोविड के खिलाफ फाइजर की वैक्सीन की प्रभाविकता कम से कम 80 फीसदी तक पाई गई जबकि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की प्रभाविकता 75 फीसदी दर्ज की गई।

उन्होंने कहा कि कोविड इंफेक्शन के खिलाफ वैक्सीन की कम होती प्रभाविकता का मतलब ये है कि दूसरी डोज लेनेके छह महीने बाद वैक्सीन लगवा चुके लोगों में सुरक्षा वैक्सीन नहीं लगवाने वालों से अधिक रहती है या फिर समान बनी रहती है।

अध्ययन की मुख्य लेखक और ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता एल्सी होर्ने का कहना है कि अभी तक कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद इसकी क्षमता में कमी से संबंधित सबूत बहुत सीमित थे या फिर विरोधाभास पैदा करने वाले थे। जब बात गंभीर रूप से कोविड की होती है तो ये दर उम्र और संवेदनशीलता के मुताबिक बदल जाती है।

उन्होंने कहा हालांकि हमने पाया है कि गंभीर रूप से कोविड के खिलाफ सुरक्षा वैक्सीन की दो डोज लेने के एक वक्त बाद कम हो जाती है लेकिन दूसरी डोज लेने के 6 महीने बाद तक आपको उच्च स्तर की सुरक्षा मिलती है।