Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने फाइजर-बायोएनटेक (Pfizer Biontech Covid Vaccine) कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) के आपातकालीन उपयोग की अनुमति दे दी है। इससे देशों को वैक्सीन को आयात करने और अपने देश में रेगुलेटरी एप्रूवल की प्रक्रियाओं में तेजी लाने की सुविधा मिल गई है। कई देश टीके की मंजूरी के लिए अपने रेगुलेटरी सिस्टम पर भरोसा करते हैं, वहीं कुछ देश अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों को पूरा करने के लिए बहुत हद तक डब्ल्यूएचओ पर निर्भर हैं।
संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने गुरुवार को कहा कि डब्ल्यूएचओ (WHO) द्वारा इस वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी देने से यूनिसेफ और पूरे अमेरिका के हेल्थ ऑर्गनाइजेशन जरूरतमंद देशों के लिए वैक्सीन की खरीदी करने में सक्षम हो जाएंगे। अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों ने पहले ही फाइजर-बायोएनटेक कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। वैसे डब्ल्यूएचओ द्वारा कोविड-19 वैक्सीन के लिए आपातकालीन उपयोग की मान्यता देने का यह पहला मौका है क्योंकि इस खतरनाक वायरस का प्रकोप एक साल पहले शुरू हुआ था।
डब्ल्यूएसओ के असिस्टेंट डायरेक्टर मारियांगेला सिमाओ ने कहा, "पूरी दुनिया के लिए कोविड-19 वैक्सीन तक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक बहुत ही सकारात्मक कदम है। लेकिन मैं इस बात पर जोर दूंगा कि हर जगह प्राथमिकता वाली आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध कराने के प्रयास हों।" डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि वैक्सीन को अल्ट्रा-कोल्ड चेन यानि कि माइनस 60 डिग्री सेल्सियस से माइनस 90 डिग्री सेल्सियस पर स्टोर करने की जरूरत है।
ड्रग रेगुलेटर के विशेषज्ञ पैनल की महत्वपूर्ण बैठक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, भारत बायोटेक और फाइजर द्वारा मांगी गई कोरोनोवायरस वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल पर मंजूरी देने को लेकर चल रही है। सीरम, जो ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित 'कोविशिल्ड' वैक्सीन बना रहा है, और भारत बायोटेक, जिसने 'कोवैक्सीन' बनाने के लिए आईसीएमआर के साथ सहयोग किया था, ने 30 दिसंबर को सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑगेर्नाइजेशन की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी के समक्ष अपना डेटा प्रस्तुत किया था। अमेरिका की फाइजर ने अपना डेटा पेश करने के लिए और समय मांगा था।
बुधवार को बैठक के बाद, विशेषज्ञ पैनल ने कहा था कि वे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक द्वारा प्रस्तुत अतिरिक्त डेटा और जानकारी का विश्लेषण कर रहे हैं। अगली बैठक 1 जनवरी को निर्धारित की गई थी। केंद्र सरकार ने पहले चरण में लगभग 30 करोड़ लोगों का टीकाकरण करने की योजना बनाई है।
Source- IANS