खास दिनों में टालना चाहती हैं पीरियड्स ? जानें कितना ठीक है ऐसा करना  

पीरियड्स शरीर की एक प्राकृतिक प्रकिया है, इसे टालने के अपने जोखिम हैं।

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Written By: Yogita Yadav | Published : October 10, 2018 4:13 PM IST

पीरियड्स यानी कि मासिक धर्म एक नैचुरल प्रकिया है। एक निश्चित आयु तक इस प्रक्रिया से हर महिला को गुजरना होता है। पर इस अवधि की अपनी मुश्किलें भी हैं। इसमें होने वाला दर्द और ब्‍लड फ्लो परेशान तो करता है पर यह शरीर के लिए अनिवार्य है।

मन में आता है सवाल

अकसर भयंकर पीड़ा और क्रेम्‍स के चलते कई बार बन में आता है कि यह पीरियड्स होते ही क्‍यों हैं। तो कई बार कोई खास मौका ऐसा होता है कि कुछ महिलाएं सोचती हैं कि पीरियड्स को कुछ दिनों के लिए टाल दिया जाए। पर स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से यह बिल्‍कुल भी ठीक नहीं है।

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नहीं है ठीक

पीरियड्स महिलाओं के शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। शरीर के पूरी तरह स्‍वस्‍थ होने के लिए जरूरी है कि हर माह यह प्रक्रिया अपने तय क्रम में होती रहे। स्‍त्री रोग विशेषज्ञ तो पीरियड्स का डिले होना बिल्‍कुल भी सही नहीं मानते हैं। ज्‍यादातर महिलाओं में यह 28 दिन का चक्र होता है। जबकि कुछ में यह चक्र 30 अथवा 32 दिन का भी हो सकता है। यदि शुरू से मासिक चक्र की अवधि यही है तब तो कोई खास दिक्‍कत नहीं है, लेकिन अगर यह कुछ माह से परिवर्तित हो रहा है तो इसके लिए जरूर डॉक्‍टर की सलाह लेनी चाहिए।

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हो सकते हैं साइड इफैक्‍ट

कई बार व्र‍त अनुष्‍ठान, पूजा पाठ या पार्टी जैसे किसी खास मौके पर महिलाएं पीरियड्स को टालना चाहती हैं। इसके लिए बाजार में कई दवाइयां मौजूद हैं, लेकिन इन दवाओं के सहारे पीरियड्स को टालना बिल्‍कुल भी ठीक नहीं है। दरअसल, आर्टिफिशियल तरीकों को अपनाने से साइडइफेक्‍ट्स और हार्मोन्‍स के असंतुलित होने का खतरा बना रहता है। इन साइडइफेक्‍ट्स की वजह से अगले महीने देरी से पीरियड्स आते हैं और चेहरे व ठुड्डी पर बाल भी उगने लगते हैं।

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