ITBP प्रवक्‍ता ने कहा- उत्‍तराखंड बाढ़ में फंसे लोगों को हो रहा है हायपोथर्मिया, जानिए कितनी गंभीर है ये स्थिति

ITBP के प्रवक्‍ता विवेक पाण्‍डेय का कहना है "फिलहाल रेस्‍क्‍यू टीम की सबसे बड़ी प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सही सलामत बचाना है। लेकिन इस दौरान सबसे बड़ी दिक्‍कत ये आ रही है कि फंसे वर्कर्स हायपोथर्मिया के शिकार हो रहे हैं। ये समस्‍या स्थिति को गंभीर बना सकती है।"

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : February 10, 2021 9:43 AM IST

उत्‍तराखंड के चमोली जिले में आई प्राकृतिक आपदा (बाढ़) के चलते लोगों का नुकसान लगातार बढ़ता ही जा रहा है। हालांकि राज्‍य में लोगों को बचाने और स्थिति को सामान्‍य करने के लिए प्रयास जोरों पर है। कई लोगों की जान माल के नुकसान के बाद अब एक नई समस्‍या आती दिख रही है। खबर है क‍ि उत्‍तरखंड बाढ़ (Uttrakhand Flood) के फंसे लोग हायपोथर्मिया (hypothermia) का शिकार हो रहे हैं। हालांकि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं है कि फंसे लोगों को बचाने जा रही रेस्‍क्‍यू टीम के बचावकर्मियों को भी हायपोथर्मिया हो रहा है या नहीं। बता दें कि हायपोथर्मिया (hypothermia) एक ऐसी स्थिति है जो तब पैदा होती है जब कोई व्‍यक्ति लंबे समय तक कड़ाके की ठंड में रहता है और उसके पास खुद को बचाने के पर्याप्‍त साधन नहीं होते। ऐसी स्थिति में शरीर के अंग सुन्‍न हो जाते हैं।

दरअसल, उत्तराखंड के चमोली जिले में तपोवन-विष्णुगाड हाइड्रो प्रोजेक्ट की 2.5 किलोमीटर लंबी में 500 से अधिक बचावकर्मी द्वारा 34 श्रमिकों को मलबे से भरी सुरंग से बचाने का काम जोरों पर है। लेकिन इस दौरान देख गया कि बर्फ में फंसे लोग हायपोथर्मिया (hypothermia) का शिकार हो रहे हैं। ITBP के प्रवक्‍ता विवेक पाण्‍डेय का कहना है "फिलहाल रेस्‍क्‍यू टीम की सबसे बड़ी प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सही सलामत बचाना है। लेकिन इस दौरान सबसे बड़ी दिक्‍कत ये आ रही है कि फंसे वर्कर्स हायपोथर्मिया के शिकार हो रहे हैं। ये समस्‍या स्थिति को गंभीर बना सकती है।"

बता दें कि फिलहाल तपोवन के आसपास का तापमान 6-7 डिग्री सेल्सियस है लेकिन सुरंग के अंदर का तापमान और भी ज्‍यादा कम है। साथ ही एक्‍सपर्ट का अनुमान है कि आने वाले समय में तापमान में गिरावट हो सकती है। इसके साथ ही ऑक्‍सीजन की कमी भी एक समस्‍या बनी हुई है। लेकिन ऑफिशियल्‍स के अनुसार सुरंग ऊचांई पर है इसलिए वहां ऑक्‍सीजन की कमी नहीं है।

हायपोथर्मिया होने पर क्‍या करें?

अगर आपके आसपास कोई व्‍यक्ति हायपोथर्मिया की स्थिति में हो तो तुरंत 911 या कोई और लोकल एमरजेंसी नंबर पर कॉल करें। यदि आपको लगता है कि डॉक्‍टर की मदद मिलने में समय लग सकता है तो आप खुद भी उस व्‍यक्ति को नॉर्मल करने की कोशिश कर सकते हैं। जैसे कि यदि हायपोथर्मिया से पीड़ित व्‍यक्ति ने गीले कपड़े पहने हैं तो उन्‍हें उतारकर गर्म कपड़े पहनाएं, उस व्‍यक्ति को होश में लाकर गुनगुना पानी पिलाएं, कंबल डाल दें और अगर आप उस व्‍यक्ति के शरीर को गर्म करने के लिए कुछ कर सकते हैं तो वो करें।

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