
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : November 5, 2020 12:29 PM IST
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अधिक है कोरोना संक्रमण का खतरा, इन नेचुरल तरीकों से रखें खुद को सेफ
यदि किसी व्यक्ति का पेट सही है यानि कि अगर आपको पेट संबंधी कोई रोग नहीं है तो आप 90 प्रतिशत तक स्वस्थ हैं। अधिकतर रोग पेट से ही जन्म लेते हैं। पेट और कोरोना वायरस का भी गहरा संबंध है। हाल ही में हुई एक स्टडी में कहा गया है कि यदि आपको उल्टी, जी मचलना, पेट में दर्द या डायरिया जैसी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं तो आपको कोरोना संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है। शोधकर्ताओं की एक टीम ने 15 जुलाई के माध्यम से प्रकाशित 36 अध्ययनों के निष्कर्षों की जांच करने के बाद कहा कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं और कोविड में गहरा संबंध है।
कनाडा में अल्बर्टा विश्वविद्यालय में रेडियोलॉजिस्ट और क्लिनिकल लेक्चरर मिच विल्सन ने कहा कि "गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षणों के अलावा, उन्होंने यह भी निर्धारित किया है कि पेट के इमेजिंग का संचालन करते समय रेडियोलॉजिस्ट को ऐसे संकेतों की तलाश करनी चाहिए जो COVID-19 संक्रमण का सबूत हो सकते हैं।" इसलिए जरूरी है कि पेट संबंधी रोगों से जूझ रहे मरीज अपना विशेष ध्यान रखें।
लोगों को पेट संबंधी रोग होने के कई कारण हो सकते हैं। खराब खानपान और अव्यवस्थित लाइफस्टइाल इसके पीछे के मुख्य माने जाते हैं। इसके अलावा खान-पान में कमी, शरीर में पानी की कमी, सिगरेट और शराब का ज्यादा सेवन, तनाव और पर्याप्त नींद न लेना आदि भी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का कारण हो सकती हैं।
1. पेट को सही रखने के लिए आपको फाइबर की खास जरूरत होती है। फल, बीन्स और सब्ज़ियों जैसी फाइबर वाली चीज़ें अधिक मात्रा में खाने से आपके पेट में हेल्दी बैक्टेरिया की संख्या बढ़ जाएगी। आपको रोज़ाना 30 ग्राम फाइबर खाना चाहिए जो लगभग 3 कप ब्लैक बीन्स के बराबर होता है।
2. पेट के लिए सौंफ का पानी पीना भी बहुत फायदेमंद होता है। सौंफ स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है जो कि पेट की जलन को शांत करने के लिए भी लाभकारी होती है। सौंफ के पानी में मौजूद सूदिंग प्रोपर्टीज पेट की जलन को शांत करते हैं। इसके लिए रातभर सौंफ को पानी में भिगोकर रखें और सुबह इस पानी को छानकर उबाल लें और ठंडा करके पी लेना फायदेमंद होता है।
3. प्रोबायोटिक फूड्स आपके पाचन क्रिया और उसके कार्य करने की क्षमता को मजबूत बनाते हैं। इसमें पाए जाने वाले लैक्टोबैसिलस और बिफिडोबैक्टीरिया आपके गट बैक्टीरिया को प्राकृतिक तरीके से रिस्टोर करते हैं साथ ही किसी भी तरह की डाइजेशन प्राब्लम( पाचन क्रिया) से आपकी सुरक्षा और उपचार करते हैं। दही, छाछ, केफिर, गोभी, और खट्टा अचार बहुत अच्छे प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ हैं।
4. साबुत अनाज हमारे पेट के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। पालिओ डायट के बजाय साबुत अनाज खाएं। इससे आपकी रोग-प्रतिरोधक शक्ति में इज़ाफा होगा, आपका मेटाबॉलिज़्म सुधरेगा और आपके पेट में अच्छे सूक्ष्म जीव या माइक्रोबीज बनेंगे।
5. हींग में पाए जाने वाला एंटीआक्सीडेंट, एंटीफ्लूएंट आदि गुण पाचन क्रिया के लिए अच्छा है। यह गैस, पेट दर्द, पेट का फूलना, फूड प्वाइजनिंग आदि के उपचार में बहुत ही प्रभावी है। डाइजेशन सही रखने के लिए एक चुटकी हींग को एक ग्लास गर्म पानी में मिलाकर खाने के बाद प्रयोग करें। छोटे बच्चों के पेट दर्द में थोड़ा सा हींग पानी में मिलाकर उनकी नाभि के आसपास रगड़ने से पेट की गैस और दर्द से आराम मिलेगा।