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Written By: Kishori Mishra | Updated : August 6, 2020 9:11 AM IST
Coronavirus
Research on Coronavirus : कोरोनावायरस बीमार और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को जल्द ही अपनी चपेट में ले लेता है। इस बात से आप बहुत ही अच्छे से वाकिफ होंगे। अब हाल ही में हुए अध्ययन (Research on Coronavirus) में एक और खुलासा हुआ है। इस अध्ययन में एक और बीमारी के कारण भी कोरोना का खतरा होने के लक्षण मिले हैं।
हाल ही में हुए अध्ययन के मुताबिक, व्यक्ति में नर्वस सिस्टम से जुड़ी न्यूरोमस्कुलर डिजीज होने के कारण कोरोनावायरस का खतरा और अधिक बढ़ता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि नर्वस सिस्टम की समस्या से जूझ रहे लोगों में कोरोनावायरस अधिक गंभीर रूप (Research on Coronavirus) धारण कर सकता है।
विशेषज्ञों का इस बारे में कहना है कि नर्वस सिस्टम से सम्बंधित न्यूरोमस्कुलर एक बीमारी है, जिसमे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों के बीच कोआर्डिनेट करने वाली नर्व प्रभावित हो जाती है। जिसके कारण व्यक्ति आंशिक रूप से लकवे का शिकार हो सकता है। यह रिसर्च आरआरएनएमएफ न्यूरोमस्कुलर पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। इस रिसर्च में न्यूरोमस्कुलर के गंभीर मामलों और कोरोना वायरस के चलते सामने आए नतीजों पर विश्लेषण किया गया है।
बताया जा रहा है कि इस रिसर्च से जुड़े विशलेषणों पर विशेषज्ञों का पहले ध्यान नहीं गया था, लेकिन अब दुनियाभर के कई देशों के मरीजों में इस तरह की समस्याएं देखने को मिली हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की अबतक मौत नहीं हुई है। वहीं, इस बीमारी से ग्रसित करीब 16 या 59 % मरीज पूरी तरह से ठीक होकर घर लौट चुके हैं। वहीं, पहले शोध में खुलासा हुआ है कि इस बीमारी से ग्रसित लोगों को कोरोना गंभीर रूप से अपनी चपेट में ले लेता है।
बता दें कि इससे पहले आंखों में होने वाली बीमारी मैक्युलर डीजनरेशन के रोगियों को भी कोरोना जल्दी ही अपनी चपेट में गंभीर रूप से लेता देखा गया है। मालूम हो कि पूरी दुनिया में कोरोनावायरस के मालले एक करोड़ 84 लाख से ज्यादा हो चुकी है। वहीं, अबतक पूरी दुनिया में करीब 7 लाख लोगों की मौत हो चुकी है।