
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : August 8, 2020 11:05 AM IST
कोविड 19 और अस्थमा के बीच का अंतर कैसे पता कर सकते हैं?
कोरोनावायरस महामारी को आए दिन 6 महीने से भी ज्यादा का वक्त हो चुका है लेकिन आलम यह है कि इसके केस अभी भी रोज हजारों की संख्या में सामने आ रहे हैं। इसी बीच मेडिकल जर्नल JAMA इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित एक दक्षिण कोरियाई अध्ययन में पाया गया है कि कोविड -19 के ऐसे मरीज भी तेजी से संक्रमण फैला रहे हैं जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं दिख रहे हैं। अध्ययन से पता चलता है कि जो लोग कोरोनोवायरस से संक्रमित हैं लेकिन लक्षण नहीं दिख रहे हैं उनकी नाक, गले और फेफड़ों में समान मात्रा में ही पैथोगन मौजूद है।
यह अध्ययन दक्षिण कोरिया में सूनचुन्यांग यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं की एक टीम द्वारा किया गया है। विशेषज्ञों ने 6 मार्च से 26 मार्च के बीच 300 से अधिक रोगियों से लिए गए स्वैब का विश्लेषण किया। जिसमें से कुल 193 मरीज ऐसे थे जिनमें कोरोना के लक्षण थे जबकि 110 लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं दिखे थे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पाया गया कि SARS-CoV-2 से संक्रमित कई लोग ऐसे थे जो लंबे समय से कोरोना प्रभावित थे लेकिन उनमें कोई लक्षण नहीं दिख रहे थे। इस प्रकार सभी संक्रमित व्यक्तियों को छूत के प्रसार को रोकने के लिए लक्षणों की परवाह किए बिना अलग-थलग करने के लिए कहा गया।
बता दें कि पूरे विश्व में कोरोना के कुल मामलों की संख्या 1.9 करोड़ के पार हो गई है, वहीं मौतों की संख्या बढ़कर 713,000 से अधिक हो गई है। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने अपने ताजा अपडेट में खुलासा किया है कि शुक्रवार की सुबह तक कुल मामलों की संख्या 19,007,938 हो गई थी। वहीं अब तक इस घातक वायरस के कारण दुनिया में 7,13,406 लोगों की मौत हो चुकी थी। आज हर किसी को बस एक कोरोना वैक्सीन का इंतजार है। हालांकि, वैक्सीन को लेकर रूस से एक अच्छी खबर ये आ रही है कि वहां वैक्सीन का ट्रालय पूरा हो गया है।
रूस की इस वैक्सीन को गामालेया इंस्टीट्यूट ने बनाया है। इस वैक्सीन से संबंधित यह बात सामने आ रही है कि इसे 10 अगस्त या उससे पहले ही बाजार में लॉन्च कर दिया जाएगा। एक खबर के अनुसार, रूस के स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि गामालेया इंस्टीट्यूट की वैक्सीन का ट्रायल पूरा हो चुका है। यह वैक्सीन बाजार में कब तक आएगी, यह बात उसके वैज्ञानिकों पर निर्भर करती है।