
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
48 दिनों के भीतर ही COVID-19 के दो अलग-अलग वेरिएंट से संक्रमित हुआ मरीज, जानें कब होता है ऐसा
कोरोनावायरस को लेकर दुनियाभर से लगातार चौंकाने वाले मामले सामने आ रहे हैं। जहां एक ओर कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है वहीं वैक्सीन और दवा के अभाव में लोगों की संक्रमण के कारण जान भी जा रही है। इसके अलावा वह दावा भी झूठा होता दिख रहा है जिसमें कहा गया था कि एक व्यक्ति दोबारा कोरोना संक्रमित नहीं हो सकता है। हाल ही में अमेरिका से एक ऐसा ही मामला सामने आया है। दरअसल अमेरिका में एक 25 वर्षीय व्यक्ति, दो बार कोरोना संक्रमित हुआ है। प्रसिद्ध साइंस जर्नल लांसेट इन्फेक्शियस डिजीज में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि महज 48 दिनों के अंदर ही एक 25 वर्षीय पुरुष कोरोना वायरस के दो अलग-अलग वेरिएंट से संक्रमित हुआ है। यह वाकई एक बहुत चौंकाने वाला मामला है।
स्टडी के अनुसार, नेवादा में वाशो काउंटी के मरीज के SARS-CoV-2 के लिए दो सकारात्मक परीक्षण किए, पहला 18 अप्रैल, 2020 को और दूसरा 5 जून, 2020। मरीज के शरीर में जून 2020 में बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना, खांसी, मतली और दस्त जैसे लक्षण दिखे थे जिन्हें देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और रिपोर्ट पॉजीटिव आई। इसके साथ ही मई 2020 में फॉलोअप के दौरान दो टेस्ट और किए गए थे जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। जब पहली बार मरीज की पहली रिपोर्ट नेगेटिव आई तो उसे अस्पताल से छुट्टी देकर घर पर आराम करने को कहा गया। लेकिन कुछ 48 दिनों बाद ही वह फिर से कोरोना के दूसरे वेरियंट से संक्रमित हो गया।
अभी तक हर कोई यह समझता था कि एक बार कोरोना संक्रमित होने के बाद दूसरी बात संक्रमण नहीं हो सकता है। जबकि ऐसा नहीं है। इस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि यदि कोई एक बार कोरोना संक्रमिता होता है तो वह दूसरी बात भी संक्रमण का शिकार हो सकता है। इसलिए ठीक होने के बाद बचाव के तरीके अपनाना और सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। रिसर्च बताती है कि जिन व्यक्तियों ने SARS-CoV-2 के लिए सकारात्मक परीक्षण किया है, उन्हें वायरस के बारे में गंभीर सावधानी बरतनी चाहिए। इस रिसर्च पेपर के लेखक नेवादा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मार्क पंडोरी ने कहा कि अभी भी SARS-CoV-2 संक्रमण और प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया के बारे में कई चीज ऐसी हैं जिन पर विस्तार से जानकारी नहीं मिल पाई हैं। लेकिन निष्कर्ष यह बताता है कि पिछले SARS-CoV-2 संक्रमण संभवत भविष्य के संक्रमण से रक्षा नहीं कर सकते। इसलिए संक्रमण से सही हुए मरीजों को अपनी विशेष देखभाल करनी चाहिए।