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Written By: Anshumala | Updated : June 28, 2020 12:20 AM IST
Patanjali Coronil controversy: पतंजलि कोरोनिल दवा मामले में फंसे बाबा रामदेव, 4 अन्य के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर।
Patanjali Coronil controversy: योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण सहित तीन अन्य लोगों के खिलाफ कोरोना को ठीक करने की दवाई का दावा करने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जब से कोरोनिल नाम की दवा को लॉन्च किया गया है, उसके बाद से ही बाबा रामदेव और बालकृष्ण पर दवाई के दावों को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए थे। पतंजलि ने दावा किया था कि हर्बल मेडिसिन कंपनी ने कोरोनिल नामक दवाई बनाकर कोविड-19 का तोड़ ढूंढ़ लिया है। यह शिकायत शुक्रवार को ज्योति नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज (Patanjali Coronil controversy in hindi) कराई गई।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (डीसीपी) साउथ, जयपुर अवनीश पराशर का कहना है कि रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, बलबीर सिंह तोमर, अनुराग तोमर और अनुराग वाष्र्णेय के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और ड्रग्स एंड मैजिक रेमिडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954 की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। यह एफआईआर एडवोकेट बलबीर जाखड़ ने दर्ज कराई है। इनमें से दो जयपुर के निम्स यूनिवर्सिटी के चेयरमैन और निदेशक हैं। वहीं पांचवें आरोपी वाष्र्णेय पतंजलि आयुर्वेद में वैज्ञानिक हैं।
जाखड़ ने कहा कि कोविड-19 वैक्सिन बनाने का झूठा दावा करके आरोपी ने आम लोगों की जिंदगी को खतरे में डाला है। उन्होंने न तो राजस्थान सरकार और न ही केंद्र सरकार को कोरोनिल के क्लिनिक ट्रायल के बारे में बताया।
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पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार को कोरोनिल टैबलेट और श्वासारि वटी दवाई लॉन्च किया था और दावा किया था कि ये दवाइयां सात दिनों में कोरोना को दूर भगा सकती हैं। हालांकि, आयुष मंत्रालय ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई थी और पतंजलि को इसके लॉन्च के कुछ ही देर बाद दवाई के विज्ञापनों पर रोक लगानी पड़ी थी।
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