'टाइफाइड से बचना है तो पानी पुरी से कर लें तौबा'! जानें क्यों दी गयी तेलंगाना के लोगों को यह चेतावनी

राज्य के स्वास्थ्य निदेशक डॉ. जी. श्रीनिवास राव ने कहा कि,टाइफाइड को 'पानी पुरी' बीमारी कहा जा सकता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 13, 2022 4:18 PM IST

Typhoid in Telangana due to Pani  Puri:तेलंगाना राज्य में टाइफाइड  के मामलों में बहुत अधिक बढ़ोतरी देखी जा रही है।वहीं, मिली जानकारी के अनुसार, राज्य के एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने तेलंगाना में बड़ी संख्या में टाइफाइड के मामले सामने आने के पीछे सबसे बड़ी वजह पानी पुरी है।  समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशक डॉ. जी. श्रीनिवास राव ने मंगलवार को बयान दिया कि टाइफाइड को 'पानी पुरी' बीमारी कहा जा सकता है क्योंकि पानी पुरी खाने से (Side effects of  Pani Puri) लोगों में टाइफाइड का खतरा बढ़ सकता है। आंकड़ों के अनुसार,

  •  इस साल टाइफाइड के 2,700 मामले मई महीने में सामने आए। वहीं,जून महीने में 2,752 मामले दर्ज किए गए।
  • वहीं, जुलाई महीने में  अब तक तेलंगाना में 6,000 डायरिया के मामले दर्ज किए गए।

पानी पुरी ना खाने की सलाह

बता दें कि, दूषित भोजन और गंदे पानी के सेवन से होने वाली बीमारियों के मामले बरसात के मौसम में बढ़ जाते हैं, वहीं, मच्छरों को मौसमी बीमारियों के मुख्य कारणों के रूप में पहचाना जाता है। बरसात में मलेरिया, अक्यूट डायरिया और वायरल फीवर जैसी बीमारियों के मामले भी तेलंगाना में बढ़ रहे हैं।

डॉ. जी. श्रीनिवास राव ने लोगों सलाह दी की इस बार बरसात में टाइफाइड और अन्य सीजनल बीमारियों से बचने के लिए लोगों को पानी पुरी और अन्य स्ट्रीट फूड के सेवन से परहेज करना चाहिए। सड़क किनारे लगने वाली दुकानों और ठेलों पर पानी पुरी या गोलगप्पे खाने की आदत के बारे में बोलते हुए डॉ. जी. श्रीनिवास राव ने कहा कि 10-15 रुपयों  में मिलने वाली पानी पुरी आपके स्वास्थ्य को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा सकती है और आपको इलाज के लिए हजारों रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कुछ निर्देश और टिप्स भी दीं।

टाइफाइड से बचने के लिए सुझाव

  • पानी पुरी बेचने वाले लोगों को साफ-सफाई और पानी पुरी बनाने के लिए सुरक्षित पेयजल का इस्तेमाल करने की सलाह दी।
  • लोगों को हमेशा ताजा और गर्म भोजन खाना चाहिए।
  • पीने के पानी को उबालें और उन्हें ठंडा करें और दिनभर इसी पानी का सेवन करें।

टाइफाइड के लक्षण (Symptoms of Typhoid in Hindi)

  • तेज सिरदर्द
  • तेज बुखार
  • बदन दर्द
  • भूख न लगना या बहुत अधिक भूख लगना
  • उल्टी और मतली
  • डायरिया
  •  कब्ज,पेट दर्द और डाइजेस्टिव सिस्टम (digestive system related problems) से जुड़ी समस्याएं

टाइफाइड से बचाव के उपाय क्या हैं? (prevention from typhoid)

  • टाइफाइड से बचने के लिए साफ-सफाई (hygiene) का ध्यान रखें।
  • बाथरूम में बिना चप्पल पहने ना जाएं।
  • बाथरूम के इस्तेमाल के बाद हाथ धोंएं। पैरों को भी अच्छी तरह साफ करें।
  • छींकने-खांसने के बाद,  खाना पकाने से पहले और भोजन करने से पहले हाथों को साबुन और पानी से साफ करें। (washing hands with soap and water)
  • हमेशा साफ पानी पीएं।
  • कच्चे फलों और सब्जियों का सेवन करने से पहले उन्हें अच्छी तरह साफ करें।
  • टाइफाइड के लिए वैक्सीन लगवाएं।

(आईएएनएस)

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