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Pandemic Second Wave in Mumbai: 1 जून से मुंबई में होगा कोरोना 'अंडर कंट्रोल' , एक्सपर्ट्स ने बताया करना होगा यह 1 काम

कोविड सेकेंड वेव के बारे में भविष्यवाणी की गयी है कि जून महीने में यह महाराष्ट्र राज्य और खासकर, मुंबई शहर में काफी हद तक नियंत्रण में आने लगेगी। (Pandemic Second Wave in Mumbai in Hindi)

Pandemic Second Wave in Mumbai: 1 जून से मुंबई में होगा कोरोना 'अंडर कंट्रोल' , एक्सपर्ट्स ने बताया करना होगा यह 1 काम

Written by Sadhna Tiwari |Updated : May 4, 2021 9:59 AM IST

Pandemic Second Wave in Mumbai: कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर महाराष्ट्र राज्य के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हुई है। (Coronavirus second wave in Maharashtra) महामारी की पहली लहर में महाराष्ट्र और राजधानी मुंबई (Mumbai) को बुरी तरह प्रभावित किया था। वहीं, सेकेंड वेव में भी सर्वाधिक मरीज़ों की संख्या लगातार इसी राज्य से आती रही है। लेकिन, अब एक राहतभरी खबर भी आयी है। कोविड सेकेंड वेव के बारे में भविष्यवाणी की गयी है कि जून महीने में यह महाराष्ट्र राज्य और खासकर, मुंबई शहर में काफी हद तक नियंत्रण में आने लगेगी। (Pandemic Second Wave in Mumbai in Hindi)

जून में कमज़ोर हो सकता है मुंबई में कोरोना वायरस

एक गणितीय मॉडल पर आधारित एक विश्लेषण के नतीजों के आधार पर यह दावा किया गया है। इस दावे के अनुसार, मई के दूसरे सप्ताह में महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण अपने चरम यानि पीक (Corona peak in Maharashtra) पर पहुंचेगा। इस स्टडी में ऐसा भी कहा गया है कि अगर, टीकाकरण कार्यक्रम के तहत मुंबई (Covid Vaccination in Maharashtra)  में एक महीने के भीतर 15-20 लाख लोगों को  कोविड की वैक्सीन (Covid Vaccine) लग जाती है तो शहर में कोविड से होनेवाली मृत्यु दर में भी व्यापक कमी आ सकती है। इसी तरह 1 जून से महानगर क्षेत्र में कोरोना संक्रमण से जुड़ी स्थिति काबू में आने लगेगी। (corona cases in Mumbai)

इस वजह से फैला मुंबई में कोरोना

विश्लेषण में कहा गया कि, फरवरी महीने में महाराष्ट्र राज्य में कोरोना वायरस के नये वेरिएंट (New Variant of Corona in Maharashtra) का पता चला है। जिसका प्रसार स्थानीय लोकल ट्रेन सेवाओं के स्टार्ट करने के साथ ही बढ़ गया। इस विश्लेषण के परिणामों में यह कहा गया गया कि 'फरवरी के पहले सप्ताह तक संक्रमण के वेरिएंट का प्रसार बहुत कम हुआ था। लेकिन, मार्च महीने के दूसरे सप्ताह में स्थिति बहुत अधिक गम्भीर हो गयी।' इसके पीछे शहर में व्यावसायिक गतिविधियों को दोबारा शुरू करने और लोगों द्वारा की गयीं यात्राएं और आवागमन को भी ज़िम्मेदार माना जा रहा है।

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बता दें कि, सप्ताहभर पहले यह भविष्यवाणी भी की गयी कि महाराष्ट्र राज्य में आनेवाले जुलाई-अगस्त महीनों की अवधि में कोविड की तीसरी लहर भी आ सकती है। हालांकि, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Rajesh Tope) और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray)  ने कहा है कि राज्य तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयार है। (Covid third wave in Maharashtra)