मिरगी और चक्कर आने से जूझ रही हैं पाकिस्तानी अभिनेत्री नादिया जमील, जानें मिरगी और चक्कर आने से बचने के उपाय
नादिया ने अपनी इस दशा को एक ट्वीट में बयां किया है। उन्होंने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, "मैं मिरगी और चक्कर की बीमारी से पीड़ित हूं। ये जीवन को खतरा पैदा करने वाली बीमारी नहीं हैं, लेकिन कभी-कभी इनसे जिंदगी चुनौतीपूर्ण बन जाती है। चक्कर आना दरअसल ज्यादा कष्टकारी है। इसमें आसपास की हर चीज घूमने लगती है।
पाकिस्तानी अभिनेत्री नादिया जमील अद्भुत साहसी महिलाओं की एक मिसाल हैं। वह इन दिनों एक साथ दो-दो बीमारियों से एक वीरांगना की तरह जंग लड़ रही हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, अव्वल दर्जे की अभिनेत्री नादिया बच्चों की भलाई के लिए मानवतावादी प्रयासों में जुटी रही हैं और उन्होंने काफी उपलब्धियां व शोहरत हासिल की है। टेलीफिल्म 'बेहद' में किरदार निभा चुकी अभिनेत्री अद्भुत साहस के साथ बीमारियों से जूझ रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि नादिया चक्कर आने और मिरगी की बामारी से पीड़ित है। हालांकि, यह जान को खतरा पैदा करने वाली बीमारी नहीं है लेकिन दो तरह की तकलीफें एक साथ होने से उनके लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा हो जाती है।
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नादिया ने अपनी इस दशा को एक ट्वीट में बयां किया है। उन्होंने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, "मैं मिरगी और चक्कर की बीमारी से पीड़ित हूं। ये जीवन को खतरा पैदा करने वाली बीमारी नहीं हैं, लेकिन कभी-कभी इनसे जिंदगी चुनौतीपूर्ण बन जाती है। चक्कर आना दरअसल ज्यादा कष्टकारी है। इसमें आसपास की हर चीज घूमने लगती है। इससे नींद कम आती है और घबराहट रहती है। रोशनी और तेज आवाज से डर लगता है। हालांकि सबकुछ चलता रहता है।"
नादिया ने यह भी साझा किया कि चक्कर से निपटना उनके लिए कितना मुश्किल होता है क्योंकि इसमें सबकुछ घूमने लगता है।
मिर्गी के लक्षण
– शरीर का अकड़ना।
– आंखों के आगे अंधेरा छा जाना।
– बेहोशी।
– मुंह से झाग आना।
– होंठ या जीभ काट लेना।
– आंखों की पुतलियों का ऊपर की तरफ खिंच जाना।
– अचानक से जमीन पर गिर जाना।
– दांत भिंचना।
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कारण
– सिर पर चोट लगना।
– जन्म के समय मस्तिष्क में पर्याप्त रूप से ऑक्सिजन सप्लाई न होना।
– ब्रेन ट्यूमर होने पर।
– दिमागी बुखार और इन्सेफेलाइटिस से भी मस्तिष्क पर बुरा असर पड़ने से मिर्गी की समस्या हो सकती है।
– ब्रेन स्ट्रोक होने पर ब्लड वेसल्स को क्षति पहुंचने से भी यह रोग होता है।
– अल्जाइमर।
– जेनेटिक।
इलाज है संभव
मिर्गी का इलाज दवा से संभव है। हालांकि, दवाओं से मिर्गी के अटैक को अच्छी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है। उपचार के अन्य विकल्प भी हैं, जो निर्धारित दवाओं के काम न करने पर आजमाए जा सकते हैं। अटैक आने पर रोगी को जूता न सुघाएं। मुंह में चम्मच न लगाएं। कपड़ों को ढीला कर दें। खुली हवा में छोड़ दें। हाथ-पैरों की मालिश न करें। अकड़े हुए अंगों को जबरदस्ती सीधा करने की कोशिश न करें।